रिश्वत लेने के बाद नहीं लगाए बिजली पोल, गुस्साए लोगों ने JE की बाइक छीनी, वीडियो वायरल

गोरखपुर जनपद के सहजनवा तहसील अंतर्गत पाली विद्युत उपकेंद्र पर तैनात एक अवर अभियंता पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। आरोप है कि ईंट भट्ठे पर बिजली लाइन विस्तार और पोल लगाने के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत...

Updated : 12 May 2026, 8:22 PM IST
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Gorakhpur: गोरखपुर जनपद के सहजनवा तहसील अंतर्गत पाली विद्युत उपकेंद्र पर तैनात एक अवर अभियंता (जेई) पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। आरोप है कि ईंट भट्ठे पर बिजली लाइन विस्तार और पोल लगाने के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत लेने के बावजूद महीनों तक काम नहीं कराया गया। मामला तब गरमा गया जब पीड़ित पक्ष ने अधिशासी अभियंता से शिकायत की और उनके निर्देश पर जेई की बाइक को अपने कब्जे में लिया। घटना का वीडियो अब क्षेत्र में तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या है पूरी खबर?

जानकारी के मुताबिक उसरी स्थित अरविंद ब्रिक्स फील्ड के संचालक महेंद्र पाल सिंह को अपने भट्ठे तक बिजली आपूर्ति के लिए पांच पोल और तार लगवाने की आवश्यकता थी। इस संबंध में पाली विद्युत उपकेंद्र पर तैनात जेई से बातचीत हुई। आरोप है कि कार्य कराने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की गई, जिसे भट्ठा संचालक ने दे दिया। रुपये लेने के बाद जल्द काम शुरू कराने का भरोसा दिया गया, लेकिन कई सप्ताह बीतने के बावजूद न तो पोल लगे और न ही तार खींचे।

पीड़ित पक्ष लगातार विद्युत उपकेंद्र के चक्कर लगाता रहा, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता रहा। आखिरकार पाली ब्लॉक प्रधान संघ अध्यक्ष विश्वजीत सिंह ने पूरे मामले की शिकायत अधिशासी अभियंता से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अभियंता ने तत्काल मामले की जांच कराई और पीड़ित को उपकेंद्र भेजा। आरोप है कि उन्होंने साफ निर्देश दिया कि यदि रिश्वत की रकम वापस नहीं की जाती है तो जेई को बाइक नहीं दिया जाए।

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इसके बाद मंगलवार को पीड़ित पक्ष उपकेंद्र पहुंचा और जेई की बाइक को बंधक बना लिया। इस दौरान मौके पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। देखते ही देखते घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।

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अपने ऊपर कार्रवाई और बढ़ते दबाव को देखते हुए अवर अभियंता ने आखिरकार कथित रूप से ली गई  50 हजार रुपये की रकम वापस की। घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं लोग अब संबंधित जेई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Location :  गोरखपुर

Published :  12 May 2026, 8:15 PM IST

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