Gorakhpur: बहू को ऐसे कूचा कि पुलिस रह गई दंग

गोरखपुर के चौरी चौरा थाना क्षेत्र में दहेज हत्या की दर्दनाक घटना सामने आई है। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की हत्या करने के आरोप में पुलिस ने ससुर और देवर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोढ़ा और सिलबट्टा भी बरामद किया है।

Gorakhpur : जिले के चौरी चौरा थाना क्षेत्र में दहेज हत्या की एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। शादी के बाद से लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित की जा रही विवाहिता की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुर और देवर ने मिलकर महिला को मौत के घाट उतार दिया। घटना की खबर मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई, जबकि मायके पक्ष में कोहराम मच गया।

शादी के बाद से हो रहा था उत्पीड़न

पुलिस के मुताबिक, मामला मिर्जवा सरदार गांव का है। मृतका को शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार वालों का आरोप है कि कई बार समझौते की कोशिश हुई, लेकिन ससुराल पक्ष का व्यवहार नहीं बदला। आरोप है कि 9 मई को ससुर गोपीनाथ मौर्या और देवर साधूशरण मौर्या ने मिलकर विवाहिता की हत्या कर दी।

भाई की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा

घटना के बाद मृतका के भाई ने थाना चौरी चौरा में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मुकदमा संख्या 176/2026 के तहत धारा 85 और 103(1) भारतीय न्याय संहिता में केस दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

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पूछताछ में खुला हत्या का राज

पुलिस अधीक्षक उत्तरी के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी चौरी चौरा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक वेद प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या में लोढ़ा और सिलबट्टा इस्तेमाल करने की बात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दोनों सामान भी बरामद कर लिया।

गांव में पसरा मातम

घटना के बाद पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है। मृतका के परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी लंबे समय से दहेज के लिए प्रताड़ना झेल रही थी। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते ससुराल पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई होती तो उनकी बेटी आज जिंदा होती। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

आरोपियों को भेजने की तैयारी

गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक अजीत कुमार यादव, महिला उपनिरीक्षक पम्मी यादव, कांस्टेबल भूपेंद्र यादव, सूरज यादव और हेमंत यादव शामिल रहे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  12 May 2026, 8:44 PM IST

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