मायावती का बड़ा एक्शन: विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से किया बाहर

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़ा कदम उठाते हुए नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद के ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर कर दिया है। मायावती अनुशासन को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रही हैं।

Updated : 2 August 2026, 12:56 PM IST
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Lucknow: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी राजनीतिक सक्रियता और अनुशासन का चाबुक चलाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पार्टी ने एक बार फिर बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद और कद्दावर नेता अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अनुशासनहीनता के मामलों में बेहद सख्त मानी जाने वाली मायावती का यह कदम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

खास बात यह है कि अशोक सिद्धार्थ का बसपा से निष्कासन का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी मायावती उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा चुकी हैं। हालांकि, उस समय अशोक सिद्धार्थ द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बाद बसपा प्रमुख ने उनका निष्कासन रद्द करते हुए उन्हें पार्टी में वापस ले लिया था। अब एक बार फिर पार्टी विरोधी या अनुशासनहीन गतिविधियों के चलते उन्हें बाहर कर दिया गया है।

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आकाश आनंद से जुड़ा है गहरा नाता

निकाले गए नेता अशोक सिद्धार्थ का पार्टी में रसूख और कद काफी बड़ा रहा है। वह बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर और मायावती के उत्तराधिकारी माने जाने वाले आकाश आनंद के ससुर हैं। राजनीति के जानकारों के अनुसार, पार्टी के भीतर पारिवारिक और सांगठनिक समीकरणों के बीच मायावती का यह फैसला उनके सख्त मिजाज को साफ तौर पर दर्शाता है।

याद दिला दें कि इससे पहले मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था, लेकिन बाद में उनकी भी पार्टी में वापसी कराई गई और उन्हें दोबारा नेशनल कोऑर्डिनेटर की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई। ऐसे में, ससुर अशोक सिद्धार्थ पर हुई इस ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।

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2027 के चुनाव पर मायावती का पूरा फोकस

उत्तर प्रदेश का आगामी विधानसभा चुनाव बसपा के लिए अस्तित्व और वजूद की बड़ी लड़ाई बनता जा रहा है। पार्टी किसी भी तरह की ढिलाई या अनुशासनहीनता बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। मायावती खुद चुनावी तैयारियों की हर एक नब्ज टटोल रही हैं और संगठन को पूरी तरह दुरुस्त करने में जुटी हुई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, बसपा सुप्रीमो आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अब तक 15 से 18 प्रत्याशियों के नामों को भी अंतिम रूप दे चुकी हैं। खुद टिकट फाइनल करने की इस प्रक्रिया को लेकर मायावती ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए जानकारी भी साझा की थी। साफ है कि मायावती 2027 के दंगल में उतरने से पहले पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार का विवाद या अनुशासनहीनता कतई सहन करने को तैयार नहीं हैं।

Location :  Lucknow

Published :  2 August 2026, 12:48 PM IST

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