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मंडल के मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने विधानसभा क्षेत्र पनियरा के विकास खंड परतावल में मतदाताओं को जारी नोटिसों की सुनवाई स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नो मैपिंग और तार्किक विसंगतियों से जुड़े मामलों की प्रगति की जानकारी ली तथा समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष सुनवाई के निर्देश दिए।
मतदाता नोटिसों की सुनवाई का मंडलायुक्त ने किया निरीक्षण
Maharajganj: मंडल के मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने विधानसभा क्षेत्र पनियरा के विकास खंड परतावल में मतदाताओं को जारी नोटिसों की सुनवाई के लिए बनाए गए स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नोटिसों की संख्या और अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली।
ईआरओ पनियरा ने बताया कि नो मैपिंग श्रेणी में 40,912 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 51,000 मतदाताओं को तार्किक विसंगतियों को लेकर नोटिस भेजे गए हैं। साथ ही करीब 11,500 फॉर्म-06 भी प्राप्त हो चुके हैं।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी नोटिसों की सुनवाई समयसीमा के भीतर पूरी की जाए और यदि कोई मतदाता निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हो पाता है तो उसकी सुनवाई अन्य तिथियों में भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने मौके पर मौजूद मतदाताओं से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को हेल्प डेस्क सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में एसआईआर कार्यों की समीक्षा बैठक राजनीतिक दलों और समस्त ईआरओ के साथ की गई, जिसमें विधानसभावार प्रगति प्रस्तुत की गई।
मंडलायुक्त ने राजनीतिक दलों से अपने बीएलए के माध्यम से अधिक से अधिक मतदाताओं को सुनवाई स्थलों तक पहुंचाने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही सुनवाई स्थलों का विकेंद्रीकरण किया जाएगा ताकि मतदाताओं को दूर न जाना पड़े। साथ ही तहसीलों को निवास प्रमाण पत्र प्राथमिकता पर जारी करने और फॉर्म-06 व फॉर्म-07 की प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि/रा) डॉ. प्रशांत कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) नवनीत गोयल सहित संबंधित अधिकारी एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंडलायुक्त ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का लक्ष्य शुद्ध, त्रुटिरहित और समावेशी मतदाता सूची तैयार करना है, जिसके लिए प्रशासन और राजनीतिक दलों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।