हिंदी
कोर्ट ने पिता-पुत्र का रिमांड किया खारिज
Maharajganj: महराजगंज में चर्चित साइबर ठगी मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब अदालत ने साइबर थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पिता-पुत्र की रिमांड देने से इनकार कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है, जबकि पूरे जिले में इस मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। साइबर अपराध से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल केस में अब जांच की दिशा और तेज बहस के बीच उलझती नजर आ रही है।
पूरा मामला महराजगंज जिले के सोनौली थाना क्षेत्र के जुगौली वार्ड नंबर-11 का है। साइबर थाना पुलिस ने 27 मई को अकिल और उसके पुत्र तौसिफ को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि दोनों एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी विदेशी करेंसी एक्सचेंज के नाम पर लोगों को झांसा देते थे। आरोप है कि ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में मंगाई जाती थी और फिर उसे निकालकर आपस में बांट लिया जाता था।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और एक नेपाली सिम कार्ड बरामद करने का दावा किया था। नेपाली सिम मिलने के बाद पुलिस ने इस मामले को सीमा पार साइबर नेटवर्क से जोड़कर भी जांच शुरू की थी।
न्यायालय में बचाव पक्ष के अधिवक्ता सोमनाथ चौरसिया ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपी स्थानीय व्यापारी हैं और आलू-प्याज का कारोबार करते हैं। बचाव पक्ष के अनुसार खातों में हुआ लेनदेन व्यापारिक गतिविधियों का हिस्सा है, न कि साइबर ठगी।
वैष्णो देवी यात्रा से पहले घर के बाहर क्यों हुआ बवाल? महराजगंज में परिवार पर हमला बना रहस्य!
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस की रिमांड याचिका खारिज कर दी। सहायक अभियोजन अधिकारी अनूप सिंह ने भी पुष्टि की कि न्यायालय ने रिमांड मंजूर नहीं किया।
कोर्ट के इस फैसले के बाद साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि उनके पास पर्याप्त साक्ष्य थे और आगे की विवेचना जारी रहेगी।
Location : Maharajganj
Published : 29 May 2026, 8:06 PM IST