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जनपद के पनियरा ब्लॉक में गड़बड़ी का मामला उजागर हुआ है। वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जी बिल-बाउचर के जरिए सरकारी धन के गबन की खबर से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
महराजगंज में विकास कार्यों में गबन का मामला (इमेज सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
महराजगंज: जनपद के पनियरा विकास खण्ड में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। इस संबंध में आयुक्त, गोरखपुर मंडल को एक शपथ-पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जी बिल-बाउचर के जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
गड़बड़ घोटाला पनियरा विकास खण्ड के ग्राम पंचायत सोहास में उजागर हुआ।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत में मे० राजलक्ष्मी ह्यूम पाइप, मे० माँ लक्ष्मी ट्रेडर्स, अम्बिका इलेक्ट्रॉनिक्स और विश्वकर्मा इंटरप्राइजेज जैसी फर्मों को भुगतान किया गया, जबकि ये फर्में शासन के निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं। आरोप है कि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर इन फर्मों को भुगतान कर धनराशि का गबन किया गया।
इसके अलावा ग्राम प्रधान पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने निजी विद्यालय में ही ग्राम पंचायत की धनराशि से कार्य कराया, जो नियमों के विरुद्ध है। मामले में यह भी सामने आया है कि कई बिल-बाउचरों पर ग्राम प्रधान के स्थान पर उनके पति के हस्ताक्षर पाए गए हैं, जिसकी पुष्टि फोरेंसिक जांच से कराए जाने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने eGramSwaraj पोर्टल के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि स्वच्छता अभियान और इंडिया मार्का हैंडपंप मरम्मत के नाम पर भी भारी धनराशि निकाली गई, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य नहीं हुए और केवल कागजों में ही काम दर्शाया गया।
मामले को और गंभीर बनाते हुए यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्राम प्रधान के पति सत्ताधारी दल से जुड़े होने के कारण उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है और स्थानीय स्तर पर लोग विरोध करने से कतराते हैं।
शिकायतकर्ता ने आयुक्त गोरखपुर मंडल से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है।