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हाथरस में EVM-VVPAT की जांच शुरू (IMG: Dynamite News)
Hathras: चुनावी रण अभी दूर है, लेकिन तैयारियों का पहिया तेजी से घूमने लगा है। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले हाथरस में अब उन मशीनों की पड़ताल शुरू हो गई है, जिनके जरिए आने वाले चुनाव में वोट डाले जाएंगे। बुधवार से जिला निर्वाचन कार्यालय में EVM और VVPAT मशीनों की FLC शुरू कर दी गई। मशीनों की एक-एक तकनीकी जांच होगी और जरा भी कमी मिलने पर उन्हें अलग कर दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया पर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक निगरानी रखी जा रही है।
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त प्रेक्षक राकेश कुमार ने एफएलसी प्रक्रिया का निरीक्षण किया और अधिकारियों से पूरी व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने EVM और VVPAT मशीनों के सुरक्षित भंडारण वाले गोदाम का भी जायजा लिया।
विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को देखते हुए निर्वाचन आयोग की तैयारियां धीरे-धीरे जमीन पर उतरने लगी हैं। चुनाव में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और VVPAT मशीनों की तकनीकी स्थिति ठीक होना बेहद जरूरी है। इसी वजह से चुनाव से काफी पहले उनकी First Level Checking की जाती है। इस प्रक्रिया के दौरान मशीनों की तकनीकी स्थिति को जांचा जाता है, ताकि चुनाव के समय किसी तरह की तकनीकी परेशानी सामने न आए।
एफएलसी के लिए हैदराबाद से ECIL यानी Electronics Corporation of India Limited के 12 इंजीनियरों की टीम हाथरस पहुंची है। यही टीम गोदाम में सुरक्षित रखी EVM और VVPAT मशीनों की तकनीकी जांच कर रही है। प्रेक्षक राकेश कुमार के मुताबिक इंजीनियर मशीनों को एक-एक करके चेक कर रहे हैं। जांच के दौरान मशीनों के अलग-अलग तकनीकी पहलुओं को देखा जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया करीब 20 दिनों तक चलने की संभावना है।
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एफएलसी के दौरान मशीनों की स्थिति को अलग-अलग तरीके से चिन्हित किया जाएगा। जो मशीन तकनीकी जांच में पूरी तरह सही पाई जाएगी, उस पर पहचान के लिए हरे रंग की चिट लगाई जाएगी। वहीं, अगर किसी EVM या VVPAT में तकनीकी खराबी या कोई दूसरी समस्या सामने आती है और मशीन चुनाव के लिहाज से उपयुक्त नहीं पाई जाती, तो उसे लाल रंग की चिट लगाकर अलग कर दिया जाएगा।
EVM और VVPAT की जांच को लेकर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी की व्यवस्था भी की गई है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एफएलसी की कार्यवाही का अवलोकन कर सकेंगे। इसका मकसद चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और राजनीतिक दलों को मशीनों की जांच प्रक्रिया से अवगत कराना है।
हालांकि, जांच प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर खास सावधानी बरती जा रही है। FLC कक्ष के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा जांच स्थल पर किसी भी व्यक्ति को फोटो खींचने या वीडियो रिकॉर्डिंग करने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों के मुताबिक यह व्यवस्था भारत निर्वाचन आयोग के सुरक्षा मानकों के अनुरूप की गई है। एफएलसी के दौरान मशीनों की जांच और उससे जुड़ी प्रक्रिया को नियंत्रित माहौल में पूरा कराया जाएगा।
एफएलसी का निरीक्षण करने पहुंचे भारत निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक राकेश कुमार ने EVM और VVPAT के गोदाम का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां सुरक्षा व्यवस्था और मशीनों के रखरखाव की स्थिति भी देखी। इसके बाद उन्होंने एफएलसी में शामिल ECIL के इंजीनियरों से जांच की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। प्रेक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित मानकों और सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार ही कराई जाए।
Location : Hathras
Published : 2 September 2026, 3:58 PM IST