Rampur विधानसभा सीट पर 2027 में बदलेंगे समीकरण या 2022 होगा रिपीट? जानें सपा-बीजेपी की स्थिति

रामपुर विधानसभा सीट पर 2027 का चुनाव सपा और बीजेपी के लिए अहम होगा। 2022 में आजम खान ने बड़ी जीत दर्ज की थी, लेकिन उपचुनाव में बीजेपी ने सीट जीत ली। 2024 लोकसभा चुनाव में सपा ने फिर बढ़त बनाई। SIR के बाद मतदाताओं की संख्या घटने से नए समीकरण बन सकते हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 1 September 2026, 2:03 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश की विधानसभा सीट संख्या 37 रामपुर शहर आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर एक बार फिर चर्चा में है। मुस्लिम बहुल मानी जाने वाली इस सीट पर पिछले चुनावों में सपा और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि 2027 में क्या पुराने समीकरण कायम रहेंगे या चुनावी तस्वीर बदल जाएगी?

2022 में आजम खान ने दर्ज की थी बड़ी जीत

2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के आजम खान ने रामपुर शहर सीट से जीत दर्ज की थी। उन्होंने बीजेपी के आकाश सक्सेना को करीब 65 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराया था। सपा को 1,31,225 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी के खाते में 76,084 वोट आए। बसपा को 4,940 और कांग्रेस को करीब 4,000 वोट मिले।

सपा को कुल वोटों का करीब 59.71 प्रतिशत और बीजेपी को 34.62 प्रतिशत वोट मिले थे। उस चुनाव में मुस्लिम और यादव मतदाताओं का समर्थन सपा के पक्ष में मजबूत दिखाई दिया।

उपचुनाव में बीजेपी ने पलटा पासा

2022 के विधानसभा चुनाव के बाद आजम खान की सदस्यता समाप्त हो गई, जिसके चलते दिसंबर 2022 में रामपुर सीट पर उपचुनाव हुआ। सपा ने आजम खान के करीबी आसिम रजा को मैदान में उतारा, जबकि बीजेपी ने एक बार फिर आकाश सक्सेना पर भरोसा जताया।

उपचुनाव में बीजेपी के आकाश सक्सेना ने सपा के आसिम रजा को करीब 33 हजार वोटों से हरा दिया। बीजेपी ने इस जीत को बड़ी राजनीतिक सफलता के तौर पर पेश किया, जबकि सपा ने मतदान को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

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2024 लोकसभा चुनाव में फिर मजबूत हुई सपा

2024 के लोकसभा चुनाव में रामपुर विधानसभा क्षेत्र के आंकड़ों ने एक बार फिर तस्वीर बदली। सपा को 1,03,095 वोट मिले, जबकि बीजेपी को 65,275 वोट मिले। बसपा के खाते में 6,524 वोट आए।

इस चुनाव में सपा के मोहिबुल्लाह ने बीजेपी के घनश्याम लोधी पर करीब 38 हजार वोटों की बढ़त बनाई। मुस्लिम और यादव मतदाताओं का समर्थन सपा के पक्ष में रहने से पार्टी ने विधानसभा क्षेत्र में दोबारा बढ़त हासिल की।

SIR के बाद घटे 63 हजार से ज्यादा मतदाता

2026 में SIR के बाद रामपुर विधानसभा सीट पर मतदाताओं की संख्या 3,28,527 बताई गई है। 2024 लोकसभा चुनाव के समय यहां 3,92,297 मतदाता थे। यानी करीब 63,770 मतदाता कम हुए हैं।

मतदाताओं की संख्या में इतनी बड़ी कमी 2027 के चुनाव में दोनों प्रमुख दलों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन सकती है। बदले हुए मतदाता आंकड़े चुनावी रणनीति और बूथ स्तर के समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।

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मुस्लिम और ओबीसी वोट पर रहेगी नजर

रामपुर शहर सीट मुस्लिम बहुल है। इसके साथ ही यहां करीब 86 हजार ओबीसी मतदाता भी बताए जा रहे हैं। 2022 में सपा को मुस्लिम और यादव मतदाताओं का मजबूत समर्थन मिला था, जबकि बीजेपी को गैर-यादव ओबीसी, सिख और अनुसूचित जाति के कुछ वोट मिले थे।

2027 में भी मुस्लिम, यादव और ओबीसी मतदाताओं का रुख चुनाव परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

2027 में क्या दोहराएगा 2022 का इतिहास?

रामपुर सीट के पिछले तीन चुनावी घटनाक्रम अलग-अलग तस्वीर दिखाते हैं। 2022 विधानसभा चुनाव में सपा की बड़ी जीत, उसी साल उपचुनाव में बीजेपी की वापसी और 2024 लोकसभा चुनाव में सपा की फिर बढ़त ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

ऐसे में 2027 में किस पार्टी को बढ़त मिलेगी, यह उम्मीदवार, स्थानीय मुद्दों, मतदाता सूची में बदलाव और मुस्लिम-ओबीसी वोटों के रुख पर काफी हद तक निर्भर करेगा। फिलहाल रामपुर सीट पर सपा और बीजेपी के बीच मुकाबला सबसे महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

Location :  Rampur

Published :  1 September 2026, 2:03 PM IST

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