UP Election 2027: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का मास्टर प्लान, दलित-पिछड़ों को साधने के लिए सितंबर से होगा बड़ा खेल

UP Election 2027 को लेकर कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी की अगली तैयारी कई जिलों में बड़े स्तर पर नजर आने वाली है। इसके पीछे क्या रणनीति है और किन वर्गों को साधने की कोशिश होगी, इसकी तस्वीर जल्द साफ होगी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 31 August 2026, 11:32 AM IST
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New Delhi/Lucknow:  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने अपनी सियासी तैयारियों को तेज करना शुरू कर दिया है। पार्टी अब सामाजिक न्याय के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। इसके लिए सितंबर से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 200 से अधिक सामाजिक न्याय सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा।

सितंबर से 200 से ज्यादा सम्मेलनों की तैयारी

कांग्रेस ने इन सम्मेलनों के आयोजन की जिम्मेदारी अपने विचार विभाग को सौंपी है। पार्टी की ओर से सभी जिलाध्यक्षों को सम्मेलन आयोजित करने को लेकर निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए कांग्रेस प्रदेश में सामाजिक न्याय के मुद्दे को लेकर माहौल तैयार करने की कोशिश करेगी।

दलित-पिछड़े वर्ग पर कांग्रेस की नजर

पार्टी की रणनीति में दलित और पिछड़े वर्ग को खास महत्व दिया गया है। कांग्रेस इन सम्मेलनों के जरिए ज्यादा से ज्यादा दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करेगी। पार्टी का मकसद केवल सम्मेलन आयोजित करना ही नहीं, बल्कि इस मुद्दे को लेकर जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना भी है।

राजेंद्र पाल गौतम ने दिए थे संकेत

प्रदेश प्रभारी बनने के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने अपने पहले उत्तर प्रदेश दौरे में ही सामाजिक न्याय के मुद्दे को लेकर पार्टी की रणनीति के संकेत दिए थे। अब कांग्रेस इसी मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी में जुट गई है।

सड़क पर उतरने से पहले माहौल बनाने की तैयारी

कांग्रेस की कोशिश है कि सामाजिक न्याय के मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर अभियान शुरू करने से पहले जमीनी माहौल तैयार किया जाए। सम्मेलनों के जरिए पार्टी लोगों तक पहुंचेगी और इसके बाद इस मुद्दे को लेकर बड़े कार्यक्रमों के जरिए अपनी सियासी सक्रियता बढ़ा सकती है।

वरिष्ठ नेताओं ने की तैयारियों की समीक्षा

कांग्रेस के विचार विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एचएल दुसाध ने बताया कि विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन प्रवीण डावर ने हाल में पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर सम्मेलनों की तैयारियों की समीक्षा की है।

जिलाध्यक्षों में बदलाव से पहले सम्मेलन

कांग्रेस संगठन में जल्द ही बड़े बदलाव की भी तैयारी है। करीब 30 से 40 प्रतिशत जिलाध्यक्ष बदले जाने की संभावना है। ऐसे में पार्टी की कोशिश है कि संगठन में बदलाव से पहले ही अधिक से अधिक सामाजिक न्याय सम्मेलनों का आयोजन करा लिया जाए।

जिलाध्यक्षों में बदलाव के लिए नियुक्त किए गए छह सह प्रभारियों ने अपनी रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को सौंप दी है। अब संगठन में बदलाव के साथ-साथ सामाजिक न्याय के अभियान को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

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इन जिलों में सम्मेलन पर बनी सहमति

फिलहाल गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आजमगढ़, अयोध्या, झांसी और सिद्धार्थनगर में सामाजिक न्याय सम्मेलन आयोजित किए जाने पर सहमति बनी है। अगले सप्ताह इन सम्मेलनों की तारीखें तय किए जाने की संभावना है।

पुस्तिका के जरिए पहुंचाए जाएंगे मुद्दे

सम्मेलनों में कांग्रेस की विचारधारा के साथ-साथ राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे प्रमुख मुद्दों को भी जनता तक पहुंचाने की तैयारी है। इसके लिए एक पुस्तिका प्रकाशित की जाएगी। इस पुस्तिका को दलित और पिछड़े वर्ग के बुद्धिजीवियों के बीच वितरित किया जाएगा।

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2027 के लिए क्या है कांग्रेस की बड़ी रणनीति?

कांग्रेस की यह पूरी कवायद उत्तर प्रदेश में अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने की दिशा में देखी जा रही है। सितंबर से शुरू होने वाले सम्मेलनों के जरिए पार्टी किस तरह सामाजिक न्याय के मुद्दे को आगे बढ़ाती है और इसका चुनावी असर कितना दिखाई देता है, यह आने वाले समय में साफ होगा।

Location :  Lucknow

Published :  31 August 2026, 11:32 AM IST

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