न्यूयॉर्क में तिरंगे के कथित अपमान पर भड़के किरेन रिजिजू, बोले- देश का अपमान पड़ा महंगा

न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम से पहले खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों द्वारा भारतीय तिरंगे के कथित अपमान पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी नाराजगी जताई है। रिजिजू ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि देश और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने वालों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 31 August 2026, 10:22 AM IST
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New Delhi: न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम से पहले भारतीय तिरंगे के कथित अपमान को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रिजिजू ने खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रिजिजू ने शेयर किया वीडियो, दी सख्त चेतावनी

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें कथित तौर पर खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारी भारतीय तिरंगे का अनादर करते नजर आ रहे हैं। रिजिजू ने लिखा कि किसी को भी RSS, भाजपा या सरकार की आलोचना करने की आजादी है, लेकिन देश और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

उन्होंने कहा, "हमने हमेशा कहा है कि आपको RSS, भाजपा या सरकार की आलोचना करने की आजादी है, लेकिन हमारे देश को बुरा-भला न कहें। हमारे झंडे और मेरे देश का अपमान मत करो। इसकी आपको भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।"

मोहन भागवत के कार्यक्रम के बाहर हुआ प्रदर्शन

जानकारी के मुताबिक, न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन स्थित इंफोसिस थिएटर में RSS के शताब्दी वर्ष के 'ग्लोबल आउटरीच' कार्यक्रम के तहत 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में RSS प्रमुख मोहन भागवत संबोधित करने वाले थे।

कार्यक्रम के बाहर खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारे लगाए और भारतीय तिरंगे का अपमान किया।

SFJ से जुड़े प्रदर्शनकारियों पर आरोप

रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन में प्रतिबंधित संगठन 'सिख्स फॉर जस्टिस' (SFJ) से जुड़े खालिस्तान समर्थक लोग शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर भारत विरोधी गतिविधियां कीं, जिसके बाद इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है।

Location :  New Delhi

Published :  31 August 2026, 10:17 AM IST

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