बयानों की बर्फ पिघलेगी या उठेगा नया बवंडर? भागवत से मिलने की बेताबी के पीछे क्या है डॉ. महमूद की कूटनीति? जानिए पूरा सच!

मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा के बीच एक नई बहस शुरू हो गई है। अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग के आयुक्त उनसे बातचीत करना चाहते हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों के बीच मुलाकात होगी और आरएसएस को लेकर उठे सवालों पर खुलकर चर्चा होगी?

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 29 August 2026, 2:54 PM IST
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New Delhi: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा को लेकर चर्चा तेज है। न्यूयॉर्क में उनके प्रस्तावित कार्यक्रमों के बीच अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) के आयुक्त डॉ. आसिफ महमूद ने मोहन भागवत के साथ खुले संवाद की इच्छा जताई है।

डॉ. आसिफ महमूद ने कहा कि यदि उन्हें ऐसा कोई अवसर मिलता है तो वह निश्चित रूप से मोहन भागवत के साथ बैठकर बातचीत करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि दोनों पक्षों के बीच संवाद की व्यवस्था होती है तो इससे कई मुद्दों पर बेहतर समझ विकसित हो सकती है।

बातचीत से बदल सकती है सोच

डॉ. आसिफ महमूद ने कहा कि बातचीत के दौरान कुछ ऐसे आश्वासन या स्पष्टीकरण सामने आ सकते हैं, जिनसे उनकी मौजूदा सोच में बदलाव आ सकता है।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि सीधे संवाद के माध्यम से एक-दूसरे के विचारों और चिंताओं को समझना है।

उन्होंने कहा कि यदि बातचीत का अवसर मिलता है तो वह आरएसएस प्रमुख के साथ बैठकर विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा करना चाहेंगे।

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भारत के प्रति सम्मान लेकिन आरएसएस को लेकर सवाल

डॉ. आसिफ महमूद ने भारत के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर अपनी चिंताएं भी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के अनुसार आरएसएस जैसे संगठनों की भूमिका को लेकर धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक मानवाधिकारों से जुड़े सवाल उठते रहे हैं।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सीधे संवाद के माध्यम से स्थिति को बेहतर ढंग से समझने और विभिन्न पक्षों को जानने का अवसर मिल सकता है।

न्यूयॉर्क में इस्कॉन से जुड़े कार्यक्रम में पहुंचे मोहन भागवत

इस बीच सरसंघचालक मोहन भागवत ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में 26 सेकंड एवेन्यू का दौरा किया। यह वही स्थान है, जहां स्वामी प्रभुपाद ने पहला इस्कॉन मंदिर स्थापित किया था।

दौरे के दौरान मोहन भागवत ने शहर में बेघर लोगों की सहायता के लिए आयोजित भोजन वितरण अभियान में भी हिस्सा लिया। न्यूयॉर्क में इस्कॉन की स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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वीएचपी अमेरिका ने बताया एकता का संदेश

मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा को लेकर विश्व हिंदू परिषद अमेरिका की अध्यक्ष तेजल शाह ने कहा कि यह आयोजन बहुलता और विविधता में एकता का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग समुदायों को मतभेदों को पीछे छोड़कर मानवता और बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसे आयोजनों से समाज में संवाद और आपसी सहयोग को बढ़ावा मिलता है।

मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा के बीच USCIRF आयुक्त डॉ. आसिफ महमूद द्वारा बातचीत की इच्छा जताए जाने के बाद अब इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि क्या दोनों के बीच कभी सीधा संवाद होगा। यदि ऐसा होता है तो धार्मिक स्वतंत्रता, मानवाधिकार और आरएसएस को लेकर उठते सवालों पर खुलकर चर्चा हो सकती है।

Location :  New Delhi

Published :  29 August 2026, 2:54 PM IST

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