सड़क पर दौड़ती लग्जरी कारों का बड़ा सीक्रेट: आखिर क्यों कारों में दिए जाते हैं नकली साइलेंसर?

क्या आपने ध्यान दिया है कि नई कारों में दिखने वाले चमकदार साइलेंसर अक्सर फर्जी होते हैं? जानिए कार कंपनियां बंपर में नकली साइलेंसर टिप क्यों देती हैं और कैसे यह सुरक्षा, स्पोर्टी लुक और कार की कीमत से सीधे जुड़ा हुआ है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 29 August 2026, 2:11 PM IST
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New Delhi: आजकल सड़कों पर फर्राटा भरती नई चमचमाती कारों के पिछले हिस्से को देखें तो बंपर पर दोनों तरफ दो-दो चमकदार क्रोम साइलेंसर (एग्जॉस्ट टिप्स) नजर आते हैं। इन्हें देखकर पहली नजर में लगता है कि कार में बहुत शक्तिशाली इंजन लगा है, लेकिन हकीकत में इनमें से एक या दोनों ही पाइप नकली होते हैं।

इनका असली इंजन पाइपलाइन से कोई सीधा संबंध नहीं होता। कंपनियां ऐसा सिर्फ कार का लुक्स बढ़ाने के लिए नहीं करतीं, बल्कि इसके पीछे इंजीनियरिंग, सुरक्षा और बजट से जुड़े कई बड़े कारण छिपे होते हैं।

स्पोर्टी लुक और डिजाइन का बैलेंस

कार का असली साइलेंसर पाइप कहां से निकलेगा, यह कार के इंजन, फ्यूल टैंक और सस्पेंशन की बनावट तय करती है। कई बार असली पाइप को कार के ठीक बीच में या बंपर के पीछे एक तरफ रखना पड़ता है, जिससे कार का पिछला लुक असंतुलित दिखता है।

कारों को पीछे से एकदम स्पोर्टी, मस्कुलर और एयरोडायनामिक लुक देने के लिए कंपनियां बंपर के ऊपर नकली साइलेंसर टिप फिट कर देती हैं, जिससे असली पाइप से छेड़छाड़ किए बिना कार देखने में बेहद आकर्षक लगती है।

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पिघलते बंपर से सुरक्षा और गर्मी से बचाव

साइलेंसर से बाहर निकलने वाली जहरीली गैसें बेहद गर्म होती हैं। अगर असली मेटल पाइप को प्लास्टिक से बने बंपर के बिल्कुल करीब फिट कर दिया जाए, तो बंपर के पिघलने या उसमें आग लगने का भारी खतरा रहता है।

इसलिए ऑटो कंपनियां असली साइलेंसर पाइप का मुंह नीचे जमीन की तरफ मोड़ देती हैं और बंपर पर सुरक्षित रूप से नकली टिप लगा देती हैं। इससे गर्मी का झंझट खत्म होता है और कार पूरी तरह से सुरक्षित रहती है।

लागत में कटौती और आसान मैन्युफैक्चरिंग

असली स्टील या मेटल पाइप को घुमावदार बनाकर बंपर के दोनों कोनों तक लाना एक बेहद जटिल और खर्चीला काम है। इसके बजाय बंपर पर प्लास्टिक या क्रोम के नकली कटआउट लगाना कंपनियों को बहुत सस्ता पड़ता है।

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इससे कारों की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट कम होती है, जिसका सीधा फायदा खरीदारों को कम कीमत के रूप में मिलता है। इसके अलावा, साइलेंसर के पिछले हिस्से के आकार से कार का वॉल्यूम तो नहीं बढ़ता, लेकिन उसकी साउंड टोन थोड़ी भारी और बेस वाली जरूर हो जाती है।

Location :  New Delhi

Published :  29 August 2026, 2:11 PM IST

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