घर की शांति बिगाड़ सकती है पूजा घर की यह आदत: जानें मंदिर में कितनी मूर्तियां रखना होता है शुभ

घर के मंदिर में एक ही भगवान की कई मूर्तियां रखना वास्तु के अनुसार सही नहीं माना जाता। इंटीरियर वास्तु कंसलटेंट रानी टिबड़ेवाल से जानिए कि कैसे सही ढंग से रखा मंदिर घर में ला सकता है अपार सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि।

Post Published By: Rani Tibrewal
Updated : 2 September 2026, 4:14 PM IST
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New Delhi: घर का मंदिर वह पवित्र स्थान है जहां से पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अक्सर लोग श्रद्धा और भक्ति में आकर अपने पूजा घर में एक ही देवी-देवता की कई फोटो या मूर्तियां सजा लेते हैं। हालांकि, वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार यह तरीका आपके जीवन और घर के माहौल पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

ऊर्जा का बिखराव और पूजा में ध्यान भटकना

इंटीरियर वास्तु प्लानर और कंसलटेंट रानी टिबड़ेवाल के अनुसार, घर के मंदिर में एक ही भगवान की कई मूर्तियां रखने से सकारात्मक ऊर्जा एक जगह केंद्रित होने के बजाय बिखर जाती है। जब ऊर्जा असंतुलित होती है, तो पूजा करते समय मन में एकाग्रता नहीं बन पाती और व्यक्ति का ध्यान भटकने लगता है। वास्तु के हिसाब से किसी भी एक देवी-देवता की एक या अधिकतम दो मूर्तियां ही रखना सबसे शुभ माना जाता है।

मंदिर का वातावरण: शांति और संतुलन है जरूरी

घर का मंदिर हमेशा साफ-सुथरा, शांत और संतुलित होना चाहिए। जरूरत से ज्यादा तस्वीरें या मूर्तियां रखने से मंदिर में भारीपन आ जाता है। यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास बना रहे, तो मंदिर को व्यवस्थित रखें। श्रद्धा से सीमित और सही दिशा में रखी गई मूर्तियां घर में ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं।

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खंडित मूर्तियों को तुरंत हटाएं

वास्तु शास्त्र में खंडित यानी टूटी हुई मूर्तियों या फटी हुई तस्वीरों को मंदिर में रखना बेहद अशुभ माना गया है। टूटी हुई मूर्तियां घर में वास्तूदोष पैदा करती हैं और मानसिक तनाव का कारण बनती हैं। इसलिए यदि मंदिर में कोई भी मूर्ति या फोटो क्षतिग्रस्त हो जाए, तो उसे तुरंत हटाकर किसी पवित्र नदी या पीपल के पेड़ के नीचे प्रवाहित कर देना चाहिए।

Location :  New Delhi

Published :  2 September 2026, 4:14 PM IST

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