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ऑटो मोबाइल दुकान से दो नाबालिग रेस्क्यू
Gorakhpur: गोरखपुर में बाल श्रम और बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (AHT) थाना टीम ने बड़ी कार्रवाई की। खजनी क्षेत्र में एक ऑटो मोबाइल दुकान पर छापेमारी कर दो नाबालिग बच्चों को बाल मजदूरी करते हुए रेस्क्यू किया गया। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बाल श्रम कराने वालों में खलबली फैल गई। पुलिस का कहना है कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर अभियान लगातार जारी रहेगा।
पुलिस अधीक्षक अपराध गोरखपुर के निर्देशन में थाना प्रभारी एएचटी अपनी टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान टीम खानीमपुर-खजनी रोड स्थित लक्ष्मी ऑटो मोबाइल की दुकान पर पहुंची। जांच के दौरान वहां दो नाबालिग बच्चे काम करते मिले। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया और उन्हें अपने संरक्षण में लेकर थाना एएचटी पहुंचाया।
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थाने पर बच्चों से पूछताछ की गई, जिसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर सिटी चाइल्ड लाइन गोरखपुर की टीम मौके पर पहुंची। सिटी चाइल्ड लाइन के सुपरवाइजर धर्मेंद्र कुमार को दोनों बच्चों को नियमानुसार सुपुर्द किया गया। इसके बाद बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के समक्ष प्रस्तुत कर आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया।
इसी अभियान के दौरान एएचटी टीम खजनी क्षेत्र के ईंट-भट्ठों पर भी पहुंची। टीम ने ग्राम ककना स्थित चतुर्वेदी विक्रम फील्ड ईंट भट्ठे का निरीक्षण किया। यहां मजदूरों को एकत्र कर बाल श्रम और बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि बच्चों को मजदूरी में लगाने के बजाय उनकी पढ़ाई पर ध्यान दें।
अधिकारियों ने कहा कि यदि कहीं भी बाल मजदूरी या बाल विवाह जैसी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि बच्चों का बचपन सुरक्षित रखना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।
Location : Gorakhpur
Published : 22 May 2026, 7:52 PM IST