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भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सोनौली बॉर्डर पर सुरक्षा बलों और सीमा शुल्क विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई में तस्करी की कोशिश को विफल कर दिया है। काठमांडू से दिल्ली जा रही नेपाल मैत्री बस सेवा की सघन जांच के दौरान भारी मात्रा में गांजा जब्त किया गया।
तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़
Sonauli(Maharajganj): भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सोनौली बॉर्डर पर सुरक्षा बलों और सीमा शुल्क विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई में तस्करी की कोशिश को विफल कर दिया है। काठमांडू से दिल्ली जा रही नेपाल मैत्री बस सेवा की सघन जांच के दौरान भारी मात्रा में गांजा जब्त किया गया। यह सफलता सीमा पर सतर्कता और समन्वय का बेहतरीन उदाहरण है।
चेकिंग के दौरान टीम ने बस के विभिन्न हिस्सों में सावधानी से छिपाई गई गांजा की खेप का पता लगाया। गांजा मुख्य रूप से सीटों के नीचे, यात्रियों के सामान के बैगों और बस के छिपे हुए कम्पार्टमेंट में रखी गई थी। तस्करों ने इसे चालाकी से छिपाने की कोशिश की थी, लेकिन सतर्क अधिकारियों की नजरों से यह बच नहीं सकी।
प्रारंभिक जांच में बरामद गांजा की मात्रा करीब 6 किलोग्राम बताई गई है। सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत कई लाख से करोड़ों रुपये तक हो सकती है। सटीक मात्रा और मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है, लेकिन यह खेप निश्चित रूप से तस्करी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है।
इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें बस के कुछ यात्री और संदिग्ध तस्कर शामिल हैं। कस्टम सुपरिंटेंडेंट एस त्यागी ने बताया कि एसएसबी और कस्टम की संयुक्त टीम ने बस की जांच के दौरान इन तीनों को हिरासत में लिया। उनसे गांजा बरामद होने के बाद अग्रिम विधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
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पूछताछ में तस्करी के पूरे नेटवर्क, गांजा की उत्पत्ति, इसे दिल्ली या अन्य जगहों तक पहुंचाने की योजना और आगे की डिलीवरी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है। यह कार्रवाई सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।