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मैनपुरी जिला अस्पताल में मरीज़ को हेपेटाइटिस-बी की गलत रिपोर्ट दे दी गई, जिससे इलाज शुरू हो गया और मरीज़ मानसिक तनाव में आ गया। निजी और दोबारा सरकारी जांच में रिपोर्ट निगेटिव निकली। मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।
गलत मेडिकल रिपोर्ट से बढ़ी परेशानी
Mainpuri: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिला अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मरीज़ को हेपेटाइटिस-बी जैसी गंभीर बीमारी की गलत रिपोर्ट थमा दी गई, जिसके आधार पर न सिर्फ इलाज शुरू हो गया बल्कि मरीज़ और उसके परिजन मानसिक तनाव में भी आ गए। बाद में जांच में यह रिपोर्ट पूरी तरह गलत साबित हुई।
जानकारी के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र के रंगपुर निवासी लोकेंद्र की तबीयत खराब होने पर परिजनों ने उन्हें मैनपुरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों की सलाह पर अस्पताल की लैब में आवश्यक जांच कराई गई, जिसमें मरीज़ को हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव बताया गया।
हेपेटाइटिस-बी जैसी गंभीर बीमारी की रिपोर्ट मिलने के बाद मरीज़ और उसके परिवार में हड़कंप मच गया। डॉक्टरों की सलाह पर लोकेंद्र का इलाज शुरू कर दिया गया। इस दौरान मरीज़ मानसिक तनाव में रहा और बीमारी को लेकर भय और चिंता बढ़ती चली गई।
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इलाज के दौरान लोकेंद्र को रिपोर्ट की सच्चाई पर संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने एक निजी लैब में दोबारा जांच कराई। निजी लैब की रिपोर्ट में हेपेटाइटिस-बी निगेटिव आने पर मरीज़ और उसके परिजन हैरान रह गए। दोनों रिपोर्टों में बड़ा अंतर होने से मामला संदिग्ध हो गया।
गलत जांच से मरीज़ को झेलना पड़ा तनाव
निजी लैब की रिपोर्ट के बाद लोकेंद्र ने जिला अस्पताल प्रशासन से शिकायत की। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने दोबारा सरकारी लैब से जांच कराई, जिसमें रिपोर्ट एक बार फिर निगेटिव आई। इससे यह साफ हो गया कि पहली रिपोर्ट पूरी तरह गलत थी।
पीड़ित लोकेंद्र का कहना है कि गलत रिपोर्ट की वजह से वह कई दिनों तक मानसिक तनाव में रहा और अनावश्यक इलाज कराना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी लापरवाही किसी की जान के लिए भी खतरा बन सकती है और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
लोकेंद्र ने जिला अस्पताल की लैब पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते सच्चाई सामने न आती तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।