दुबई की जेल में 18 महीने से है बंद…महराजगंज से पिता ने लगाई बेटे की वापसी की गुहार

महराजगंज के निचलौल क्षेत्र से एक भावुक मामला सामने आया है, जहां एक गरीब परिवार अपने बेटे को दुबई की जेल से वापस लाने के लिए संघर्ष कर रहा है। रोजगार की तलाश में विदेश गए युवक के जेल में बंद होने के बाद परिवार लगातार प्रशासन से मदद की मांग कर रहा है। पिता ने जिलाधिकारी से बेटे की सकुशल वापसी के लिए हस्तक्षेप की अपील की है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 2 May 2026, 8:02 PM IST

Maharajganj: उत्तर प्रदेश में महराजगंज जिले के निचलौल तहसील क्षेत्र से एक बेहद भावुक और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक गरीब परिवार पिछले डेढ़ साल से अपने बेटे की वापसी का इंतजार कर रहा है। परिवार का आरोप है कि रोजगार की तलाश में दुबई गए युवक को कंपनी की मनमानी और आर्थिक विवाद के कारण जेल भेज दिया गया। अब पिता प्रशासन और सरकार से बेटे को भारत वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं।

ग्राम मैरी, पोस्ट बोदना, थाना ठुठीबारी निवासी अलाउद्दीन अंसारी ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए अपने बेटे इजहार अंसारी की रिहाई और वापसी की मांग की है। पिता का कहना है कि उनका बेटा निर्दोष है और उसे सिर्फ अपनी मेहनत की कमाई मांगने की वजह से परेशानी झेलनी पड़ रही है। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और लंबे समय से मानसिक तनाव में जीवन बिता रहा है।

वेतन मांगने पर बढ़ी परेशानी

जानकारी के अनुसार, इजहार अंसारी 21 अप्रैल 2024 को रोजगार के लिए दुबई गया था। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में नौकरी मिलने के बाद आर्थिक हालात सुधर जाएंगे। दुबई पहुंचने के बाद उसे मोहम्मद सुलेमान सब्बीर टेक्निकल कंपनी में काम मिला। इजहार ने वहां करीब तीन महीने तक काम किया, लेकिन आरोप है कि कंपनी ने उसे तय वेतन नहीं दिया।

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जब युवक ने अपने मेहनताना की मांग की और भारत लौटने की इच्छा जताई, तब मामला और गंभीर हो गया। आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने उससे वीज़ा शुल्क और अन्य खर्चों के नाम पर करीब दो लाख रुपये की मांग कर दी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इतनी बड़ी रकम देना संभव नहीं था।

परिवार का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर कंपनी ने युवक के खिलाफ कार्रवाई करवा दी और उसे जेल भिजवा दिया। इसके बाद से इजहार दुबई की जेल में बंद है। परिवार लगातार उसकी जानकारी जुटाने और कानूनी मदद पाने की कोशिश कर रहा है।

प्रशासन से मदद की मांग

पीड़ित पिता अलाउद्दीन अंसारी का कहना है कि उनका बेटा किसी अपराध में शामिल नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के माध्यम से मामले में हस्तक्षेप किया जाए। उनका कहना है कि यदि सरकार मदद करे तो उनका बेटा जल्द वापस लौट सकता है।

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परिवार का कहना है कि बेटे की गैरमौजूदगी में घर की स्थिति और खराब हो गई है। मां-बाप लगातार चिंता में हैं और हर दिन उसके लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। गांव के लोग भी परिवार की मदद के लिए आगे आ रहे हैं, लेकिन कानूनी प्रक्रिया और विदेश से जुड़े मामलों के कारण समस्या जटिल बनी हुई है। अब यह मामला प्रशासन तक पहुंच चुका है और परिवार को उम्मीद है कि जल्द कोई सकारात्मक पहल होगी। गरीब पिता की एक ही मांग है कि उनका बेटा सुरक्षित भारत लौट आए और परिवार फिर से सामान्य जिंदगी जी सके।

Location :  Maharajganj

Published :  2 May 2026, 8:02 PM IST