डाइनामाइट न्यूज़ की खबर का असर: अनन्या हॉस्पिटल में मरीज की मौत पर 3 सदस्यीय जांच टीम गठित

महराजगंज के नौतनवा में इलाज के दौरान युवक की मौत के मामले में डाइनामाइट न्यूज़ की खबर का बड़ा असर हुआ है। अनन्या हॉस्पिटल में 36 वर्षीय युवक की मौत को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग ने जांच का शिकंजा कस दिया है। सीएमओ के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 4 September 2026, 12:01 AM IST
google-preferred

Maharajganj: नौतनवा कस्बे के तहसील रोड स्थित अनन्या हॉस्पिटल में 36 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत के मामले में डाइनामाइट न्यूज़ की खबर का असर हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) महराजगंज सुरेंद्र चौधरी के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। टीम मरीज की मौत की परिस्थितियों से लेकर अस्पताल के संचालन और उपचार व्यवस्था तक कई बिंदुओं पर जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

दरअसल, मंगलवार शाम नौतनवा के मधुबन नगर वार्ड निवासी विनोद की तबीयत खराब होने पर परिजनों ने उसे तहसील रोड स्थित अनन्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों के मुताबिक करीब दो-तीन घंटे इलाज के बाद उसकी मौत हो गई।

युवक की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया, जिसके बाद रात करीब 11 बजे परिजन शव लेकर घर चले गए।

वहीं अस्पताल की ओर से बताया गया कि मरीज की हालत पहले से गंभीर थी और उसे गंभीर संक्रमण था। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि उपचार के दौरान मरीज को रेफर भी किया गया था।

डाइनामाइट न्यूज़ की पड़ताल में सामने आए कई सवाल

डाइनामाइट न्यूज़ की पड़ताल में सामने आया कि अस्पताल का पंजीकरण होने की बात सामने आई है, लेकिन अस्पताल परिसर से सटे कमरे में संचालित केयर पैथोलॉजी के पंजीकरण को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। बताया गया कि मृतक की जांच इसी पैथोलॉजी में भी कराई गई थी।

इसके अलावा मरीज को खांसी और सांस फूलने की शिकायत थी और अस्पताल में उसका करीब दो-तीन घंटे उपचार चला। अस्पताल में उपचार करने वाले डॉक्टर के रूप में डॉ. उमाकांत मणि त्रिपाठी का नाम सामने आया, जबकि उपलब्ध कागजात में डॉ. अमित चौधरी का नाम दर्ज होने की बात सामने आई है। ऐसे में मरीज का वास्तविक उपचार किस चिकित्सक ने किया, इसकी भी जांच में पड़ताल की जाएगी।

दवाओं से लेकर डॉक्टरों की मौजूदगी तक होगी जांच

जांच टीम में नोडल अधिकारी डॉ. वीरेंद्र आर्या, डॉ. नीरज कन्नौजिया और डॉ. सुरेंद्र को शामिल किया गया है। नोडल अधिकारी डॉ. वीरेंद्र आर्या के अनुसार जांच में मुख्य रूप से इन बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई? अस्पताल में मरीज का उपचार किस डॉक्टर ने किया?

अस्पताल में चिकित्सकों की नियमित मौजूदगी और व्यवस्था कैसी है? मरीज को कौन-कौन सी दवाएं दी गईं?उपचार और मेडिकल रिकॉर्ड में क्या-क्या दर्ज है?अस्पताल परिसर में संचालित पैथोलॉजी का पंजीकरण और संचालन वैध है या नहीं?अस्पताल के संचालन से जुड़े अन्य नियमों का पालन हो रहा है या नहीं? जांच टीम इन सभी बिंदुओं की पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेगी।

महराजगंज में पहले शादी का झांसा, फिर मुकरा युवक! युवती ने खोला राज, दो सगे भाइयों पर दर्ज हुआ केस

सरकारी पद पर तैनात हैं हॉस्पिटल संचालक

अनन्या हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अमित चौधरी के सरकारी पद पर तैनात होने की बात भी सामने आई है। बताया गया है कि वह वर्तमान में सिद्धार्थनगर जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक पद पर तैनात हैं।

ऐसे में सरकारी सेवा में रहते हुए निजी अस्पताल के संचालन अथवा निजी प्रैक्टिस से जुड़े नियमों के पालन का मामला भी जांच के दायरे में आ गया है। नोडल अधिकारी डॉ. वीरेंद्र आर्या ने बताया कि इस संबंध में जांच के बाद सिद्धार्थनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जाएगा।

‘एक इंजेक्शन और थम गई 36 साल की जिंदगी’! महराजगंज अस्पताल में मौत के बाद मचा बवाल

अंतिम संस्कार के बाद बढ़ी जांच की अहमियत

मृतक के परिजनों ने अस्पताल में हंगामे के बाद पुलिस को कोई लिखित तहरीर नहीं दी। परिजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

हालांकि अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच टीम गठित होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विनोद की मौत वास्तव में गंभीर बीमारी के कारण हुई या उपचार व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही की भूमिका रही। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।

Location :  Maharajganj

Published :  3 September 2026, 11:58 PM IST

Advertisement