डीएम अचानक तहसील पहुंचे तो मच गई अफरा-तफरी, फाइलों से लेकर लेखपालों के काम तक की खुल गई पोल!

गोरखपुर की खजनी तहसील में गुरुवार को डीएम के अचानक पहुंचते ही अधिकारियों-कर्मचारियों में हलचल मच गई। बिना सूचना हुए निरीक्षण में एसडीएम कोर्ट की पुरानी फाइलों से लेकर रिकॉर्ड रूम और राजस्व कार्यों तक की पड़ताल हुई।

Gorakhpur: जिलाधिकारी के गुरुवार को किए गए औचक निरीक्षण से तहसील खजनी में अचानक हड़कंप मच गया। बिना पूर्व सूचना पहुंचे जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में एसडीएम न्यायालय, रजिस्ट्रार कार्यालय, रिकॉर्ड रूम समेत विभिन्न पटलों का बारीकी से निरीक्षण किया। अचानक डीएम के पहुंचने की सूचना मिलते ही कर्मचारियों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अभिलेखों के रख-रखाव से लेकर लंबित मामलों के निस्तारण तक की स्थिति परखी और लापरवाही मिलने पर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

सबसे पहले कहां पहुंचे न्यायालय?

सबसे पहले जिलाधिकारी एसडीएम न्यायालय पहुंचे। यहां उन्होंने मुकदमों से संबंधित पत्रावलियों तथा पिछले छह माह के मामलों की फाइलों की गहनता से जांच की। कई मामलों में अनावश्यक तारीखें पड़ने और पत्रावलियों के लंबित रहने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि वादों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा में किया जाए, ताकि फरियादियों को न्याय के लिए बार-बार तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें।

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रजिस्ट्रार कार्यालय और रिकॉर्ड रूम का किया निरीक्षण

इसके बाद डीएम ने रजिस्ट्रार कार्यालय और रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण किया। रजिस्टरों, महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अभिलेखों के रख-रखाव की स्थिति देखी। अभिलेखों के रखरखाव में मिली कमियों को लेकर संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

निरीक्षण के अंतिम चरण में बैठक हाल में नायब तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों के साथ बैठक हुई। डीएम ने राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए लापरवाही पर नाराजगी जताई और कार्यप्रणाली में तेजी लाने के निर्देश दिए।

सप्ताह में तीन दिन कैंप लगाने का निर्देश

उन्होंने निर्देश दिया कि दाखिल-खारिज के मामले 45 दिन और वरासत के प्रकरण 30 दिन के भीतर हर हाल में निस्तारित किए जाएं। प्रत्येक लेखपाल सप्ताह में तीन दिन गांव में कैंप लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुने और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करे। फरियादियों के साथ अभद्रता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तहसील की हेल्प डेस्क को सक्रिय रखा जाए। लंबित प्रकरणों की साप्ताहिक रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय भेजने के भी निर्देश दिए गए।

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डीएम के निरीक्षण के बाद तहसील परिसर में कर्मचारियों की सक्रियता बढ़ी नजर आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह औचक निरीक्षण होते रहें तो सरकारी कार्यालयों में कामकाज की गति बढ़ेगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  3 September 2026, 7:32 PM IST

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