40 साल पुरानी सहकारी समिति पर पुलिस चौकी का विवाद गरमाया, डीएम के आदेश पर अमल नहीं, विधायक ने भी ठोका खम

महराजगंज के बागापार में करीब 40 साल पुरानी साधन सहकारी समिति की भूमि पर पुलिस चौकी को लेकर विवाद तेज हो गया है। किसानों का आरोप है कि जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद जमीन से पुलिस चौकी का नाम नहीं हटाया गया।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 31 July 2026, 12:20 PM IST
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Maharajganj: सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत बागापार में स्थित लगभग 40 वर्ष पुरानी साधन सहकारी समिति की भूमि को लेकर एक बार फिर विवाद तेज हो गया है। ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने आज तक समिति की जमीन से पुलिस चौकी का नाम निरस्त नहीं किया। इससे किसानों में भारी नाराजगी है। अब इस मुद्दे पर सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया भी किसानों के समर्थन में सामने आ गए हैं और उन्होंने जिलाधिकारी से मिलकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

40 वर्षों से संचालित है साधन सहकारी समिति

ग्रामीणों के अनुसार बागापार चौराहे पर आराजी संख्या 1942, रकबा 0.089 हेक्टेयर में साधन सहकारी समिति पिछले चार दशकों से संचालित है। इसी समिति के माध्यम से बागापार न्याय पंचायत के करीब 10 गांवों के किसानों को खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। यही नहीं, धान और गेहूं की सरकारी खरीद भी इसी परिसर में संचालित होती है, जिससे हजारों किसान सीधे लाभान्वित होते हैं।

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पुलिस चौकी के नाम भूमि दर्ज होने का दावा

किसानों का कहना है कि वर्ष 2023 में समिति परिसर में पुलिस चौकी निर्माण के लिए बोर्ड लगाए जाने के बाद उन्हें जानकारी हुई कि तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा 6 दिसंबर 2020 को पारित प्रस्ताव के आधार पर खतौनी में भूमि के एक हिस्से को पुलिस चौकी के नाम दर्ज कर दिया गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि इसी परिसर में पुलिस चौकी का निर्माण कर दिया गया तो खाद एवं बीज वितरण व्यवस्था के साथ-साथ सरकारी खरीद केंद्र का संचालन भी प्रभावित होगा, जिससे पूरे क्षेत्र के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

2023 में भी DM से की गई थी शिकायत

इस मामले को लेकर ग्रामीणों और किसानों ने 19 अक्टूबर 2023 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर समिति की भूमि से पुलिस चौकी का नाम हटाने और ग्राम सभा में किसी अन्य स्थान पर पुलिस चौकी के लिए जमीन आवंटित करने की मांग की थी।

किसानों का दावा है कि जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सदर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे, लेकिन वर्षों बाद भी आदेश धरातल पर लागू नहीं हो सका।

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'किसानों के हितों से नहीं होगा समझौता'

मामले के तूल पकड़ने के बाद किसानों और ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिला। विधायक ने कहा कि किसानों की सुविधा और सहकारी समिति की उपयोगिता को देखते हुए प्रशासन को तत्काल प्रभाव से आदेश का पालन कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Location :  Maharajganj

Published :  31 July 2026, 12:16 PM IST

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