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तेज आंधी से गिरा पेड़
लखीमपुर खीरी: यूपी के लखीमपुर खीरी में बुधवार की सुबह एक भयंकर आंधी ने निघासन तहसील क्षेत्र के मझगई थाना अंतर्गत छेदुई पतिया गांव में तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा ने एक ही परिवार पर कहर बनकर हमला किया, जिसमें दो लोगों की जान चली गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुखद घटना ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया और स्थानीय लोग अब भी इस हादसे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, सुबह करीब 5 बजे तेज हवाओं के साथ आई आंधी ने गांव के पतिया फार्म में रहने वाले रक्षपाल सिंह के परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। आंधी की तीव्रता इतनी थी कि उनके घर की एक दीवार अचानक ढह गई, जिसके मलबे में परिवार के पांच सदस्य दब गए। इस हादसे में रक्षपाल सिंह (45 वर्ष) और उनकी 10 वर्षीय बेटी रमन दीप कौर की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, रक्षपाल सिंह एक किसान थे, जो खेती-बाड़ी के जरिए अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी बेटी रमन दीप कौर गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच की छात्रा थी ।
ग्रामीणों ने तत्काल निकाला बाहर
वहीं हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का काम शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद सभी दबे हुए लोगों को बाहर निकाला गया और उन्हें तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) निघासन ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने रक्षपाल सिंह और उनकी बेटी को मृत घोषित कर दिया, जबकि परिवार के तीन अन्य घायलों में रक्षपाल की दोनों पत्नियां – सर्वजीत कौर (40), सीता कौर (38) और 13 वर्षीय बेटा गुरप्रीत सिंह शामिल हैं, जिनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। इन सदस्यों की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों का इलाज लगातार जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
स्थानीय प्रशासने जताया शोक
स्थानीय प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और घायलों के इलाज के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, आंधी इतनी तेज थी कि कई घरों को नुकसान पहुंचा, लेकिन रक्षपाल सिंह के परिवार पर यह सबसे भयावह रूप से टूटी। इस हादसे ने पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है और लोग एक-दूसरे को सांत्वना देने में जुटे हैं।
Location : Lakhimpur Kheri
Published : 21 May 2025, 3:47 PM IST
Topics : Family Loss injured Lakhimpur Kheri storm tragedy