17 साल पुराने पुष्पराज हत्याकांड में हाईकोर्ट ने सुनाया ऐसा फैसला, आरोपियों के बहने लगे आंसू, अब अंतिम सांस तक…

झांसी के चर्चित पुष्पराज उर्फ पुष्पेंद्र हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी छह दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि हत्या पूरी साजिश और जान लेने की नीयत से की गई थी। मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान दोषियों के खिलाफ मजबूत साबित हुए।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 8 May 2026, 7:32 PM IST
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Jhansi: झांसी के चर्चित पुष्पराज उर्फ पुष्पेंद्र हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। करीब 17 साल पुराने इस सनसनीखेज हत्या मामले में कोर्ट ने सभी छह दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए साफ कर दिया कि यह कोई सामान्य मारपीट नहीं बल्कि पूरी योजना के साथ अंजाम दिया गया खूनी हमला था। कोर्ट ने दोषियों की अपील खारिज करते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट के फैसले में दखल देने की कोई ठोस वजह नहीं बनती।

घर में घुसकर किया गया था हमला

यह मामला झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र के मुस्तरा गांव का है। जुलाई 2007 की रात गांव में उस वक्त दहशत फैल गई थी जब पुष्पराज अपने परिवार के साथ घर में बैठकर टीवी देख रहा था। तभी गांव के ही कृष्णपाल उर्फ लाला, ऋषि पाल, रघुनाथ, रंजीत, बहादुर और उधम सिंह हथियारों के साथ उसके घर में घुस आए। आरोपियों ने पुष्पराज पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। परिवार के सामने हुई इस खूनी वारदात में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली हमले की क्रूरता

सुनवाई के दौरान अदालत में पेश की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हमले की भयावहता को साफ कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक पुष्पराज के शरीर पर 10 गंभीर चोटों के निशान मिले थे। शरीर की कई हड्डियां टूट चुकी थी और हमला बेहद बेरहमी से किया गया था। हाईकोर्ट ने माना कि हमला अचानक नहीं बल्कि जान लेने की नीयत से सुनियोजित तरीके से किया गया था।

ट्रायल कोर्ट के फैसले पर हाईकोर्ट की मुहर

वर्ष 2011 में ट्रायल कोर्ट ने सभी छह आरोपियों को हत्या और बलवा का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ दोषियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति डॉ. अजय कुमार द्वितीय की खंडपीठ ने की।

Location :  Jhansi

Published :  8 May 2026, 7:32 PM IST

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