ITBP जवान की मां का कटा हाथ; चार्जशीट में 9 लोगों के नाम, अस्पतालों में मचा हड़कंप

कानपुर में आईटीबीपी जवान की मां का हाथ कटने के चर्चित मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर नौ लोगों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है। गवाहों के बयानों में अस्पतालों की कथित लापरवाही के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 11 June 2026, 5:00 AM IST
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Kanpur : जिले में आईटीबीपी जवान की मां का हाथ कटने के चर्चित मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। कई दिनों से चल रही पूछताछ, बयान और साक्ष्यों के संकलन के बाद पुलिस ने चार्जशीट तैयार कर ली है। इसे अदालत में दाखिल किया जाएगा। मामले में दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों, स्टाफ और प्रबंधन से जुड़े कुल नौ लोगों के नाम चार्जशीट में शामिल किए गए हैं। चार्जशीट दाखिल होने की खबर के बाद अस्पतालों में हड़कंप का माहौल है।

मौसेरी बहन के बयान से जांच को मिली नई दिशा

पीड़िता निर्मला देवी की मौसेरी बहन सविता रेलबाजार थाने पहुंचीं और अपना बयान दर्ज कराया। उनके बयान के साथ ही विवेचक ने चार्जशीट की प्रक्रिया पूरी कर ली। सविता ने पुलिस को बताया कि जब वह कृष्णा अस्पताल पहुंची थीं तो उनकी मौसी का हाथ सफेद पट्टियों से बुरी तरह बंधा हुआ था और वह दर्द से कराह रही थीं।

सविता के अनुसार, उन्होंने अस्पताल कर्मियों से नाराजगी जताते हुए कहा था कि क्या मौसी को मार डालोगे, जल्दी पट्टियां खोलो। आरोप है कि जब पट्टियां खोली गईं तो हाथ पूरी तरह काला पड़ चुका था। इस बयान को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सांस की तकलीफ लेकर पहुंचीं, हाथ गंवाना पड़ा

फतेहपुर निवासी आईटीबीपी जवान विकास ने 13 फरवरी को अपनी मां निर्मला देवी को सांस लेने में दिक्कत होने पर टाटमिल स्थित कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान हाथ में सूजन आ गई और धीरे-धीरे उसकी स्थिति गंभीर होती चली गई।

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बाद में निर्मला देवी को बिठूर स्थित पारस अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उनकी जान बचाने के लिए 17 मई को हाथ काटने का फैसला लिया। इस घटना के बाद परिजनों ने मेडिकल लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।

दोनों अस्पतालों पर उठे सवाल

सविता ने अपने बयान में दावा किया कि कृष्णा अस्पताल की गंभीर लापरवाही को छिपाने की कोशिश की गई थी। वहीं उनका आरोप है कि बाद में पारस अस्पताल भी स्थिति को संभाल नहीं सका। जिसके चलते निर्मला देवी को जिंदगी भर के लिए अपना एक हाथ गंवाना पड़ा।

नाम हटवाने की कोशिशें भी हुईं

सूत्रों के मुताबिक, चार्जशीट दाखिल होने से पहले देर रात तक दोनों अस्पतालों से जुड़े लोग अपने नाम हटवाने के प्रयास में लगे रहे। सिफारिशों और दलीलों का दौर चलता रहा। पुलिस ने तैयार चार्जशीट में कोई बदलाव नहीं किया। जांच टीम ने दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों, स्टाफ और प्रबंधन से जुड़े नौ लोगों के नाम बरकरार रखे हैं।

कोर्ट की निगाह अब इस मामले पर

मामले की चार्जशीट अदालत में दाखिल होने के बाद अब कानूनी प्रक्रिया और तेज होगी। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि मेडिकल लापरवाही के इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। वहीं केस स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

Location :  Kanpur

Published :  11 June 2026, 4:37 AM IST

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