मेरठ कपसाड़ कांड : 5 महीने बाद आया बड़ा फैसला, मेडिकल रिपोर्ट ने पलटा खेल

मेरठ के चर्चित कपसाड़ कांड में बड़ा फैसला आया है। जेजे बोर्ड ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पारस सोम को बालिग घोषित कर दिया है। अब उसकी सुनवाई एससी-एसटी कोर्ट में होगी और उसे मुख्य जेल भेजा जाएगा।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 11 June 2026, 3:36 AM IST
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Meerut : जिले के चर्चित कपसाड़ कांड में बुधवार को बड़ा कानूनी मोड़ आ गया। दलित युवती के अपहरण और उसकी मां की मौत से जुड़े मामले में आरोपी पारस सोम को किशोर न्याय बोर्ड (जेजे बोर्ड) ने बालिग घोषित कर दिया है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड ने माना कि वारदात के समय आरोपी की उम्र 18 वर्ष 7 माह 26 दिन थी। इस फैसले के बाद आरोपी को नाबालिग मानकर सुनवाई कराने की मांग खारिज हो गई है और अब मामले की सुनवाई सामान्य अदालत यानी एससी-एसटी कोर्ट में होगी।

मेडिकल रिपोर्ट ने बदल दी केस की दिशा

करीब पांच महीने से आरोपी की उम्र को लेकर कानूनी लड़ाई चल रही थी। आरोपी पक्ष लगातार हाईस्कूल की मार्कशीट और अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर उसे नाबालिग साबित करने की कोशिश कर रहा था। वहीं पीड़ित पक्ष मेडिकल जांच की मांग कर रहा था। जेजे बोर्ड के आदेश पर 12 मई को कराए गए मेडिकल परीक्षण में पारस सोम की उम्र 19 वर्ष पाई गई। वारदात की तारीख को आधार मानकर उम्र का आकलन किया गया तो वह 18 वर्ष से अधिक निकली।

क्या है कपसाड़ कांड?

यह मामला मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव का है। 8 जनवरी को खेत पर काम कर रही एक दलित युवती के अपहरण का आरोप गांव के ही युवक पारस सोम पर लगा था। आरोप है कि घटना के दौरान युवती की मां सुनीता को गंभीर चोटें आईं। जिनकी बाद में मौत हो गई। घटना के बाद गांव में भारी तनाव फैल गया था और कई दिनों तक पुलिस बल तैनात करना पड़ा था।

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उम्र को लेकर चला लंबा कानूनी संघर्ष

आरोपी पक्ष ने 14 जनवरी को याचिका दाखिल कर दावा किया था कि पारस वारदात के समय नाबालिग था। इसलिए उसकी सुनवाई जेजे बोर्ड में होनी चाहिए। इस दौरान जन्मतिथि से जुड़े दस्तावेज भी पेश किए गए। हालांकि पीड़ित पक्ष ने इन दस्तावेजों पर सवाल उठाते हुए हेरफेर का आरोप लगाया। बाद में मामला जेजे बोर्ड पहुंचा। जहां मेडिकल परीक्षण के आदेश दिए गए।

पीड़ित परिवार ने जताई संतुष्टि

जेजे बोर्ड के फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली है। युवती के भाई नरसी ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा था और अब उम्मीद है कि आरोपी को कड़ी सजा मिलेगी। वहीं वादी पक्ष के अधिवक्ता राजेंद्र कुमार ने कहा कि शुरू से ही आरोपी को बालिग बताया जा रहा था और अब यह तथ्य साबित भी हो गया है।

मुख्य जेल भेजा जाएगा आरोपी

बालिग घोषित होने के बाद पारस सोम को अब बाल संप्रेक्षण गृह से मुख्य जेल में शिफ्ट किया जाएगा। साथ ही केस की सुनवाई भी किशोर न्याय बोर्ड में नहीं बल्कि एससी-एसटी कोर्ट में होगी।

Location :  Meerut

Published :  11 June 2026, 4:01 AM IST

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