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सरकारी ट्यूबवेल बंद होने पर किसानों का प्रदर्शन (IMG: Dynamite News)
Gorakhpur: धान की फसल के लिए सबसे अहम समय में जब खेतों को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब गोला ब्लॉक के बाड़ीतरया गांव के किसान सिंचाई संकट से जूझ रहे हैं। वर्षों से खराब पड़े सरकारी ट्यूबवेल के चालू न होने से नाराज किसानों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में किसान ट्यूबवेल परिसर में जुटे और नलकूप विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद विभाग ने सिर्फ आश्वासन दिए, लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं किया।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि गांव का सरकारी ट्यूबवेल लंबे समय से खराब पड़ा है। धान की फसल के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह ठप होने से खेत सूखने लगे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर पानी नहीं मिला तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
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किसानों ने बताया कि जिनके पास निजी बोरिंग है, वे किसी तरह सिंचाई कर पा रहे हैं, लेकिन जिन किसानों के पास यह सुविधा नहीं है, वे अब तक धान की रोपाई भी पूरी नहीं कर सके हैं। वहीं डीजल पंप से सिंचाई करने वाले किसानों की लागत कई गुना बढ़ गई है, जिससे खेती करना और महंगा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि ट्यूबवेल की मरम्मत को लेकर कई बार नलकूप विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। किसानों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा अब उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
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प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के उन दावों पर भी सवाल उठाए, जिनमें किसानों की आय बढ़ाने और सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने की बात कही जाती है। उनका कहना है कि कागजों पर योजनाएं जरूर चल रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को कोई राहत नहीं मिल रही है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की कि खराब पड़े सरकारी ट्यूबवेल की तत्काल मरम्मत कर उसे चालू कराया जाए। साथ ही पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में किसानों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
Location : Gorakhpur
Published : 4 August 2026, 1:32 PM IST