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इंटरनेशनल साइबर ठगी का भंडाफोड़ (Img : Google)
Lucknow : जिले में साइबर अपराध की एक ऐसी संगठित और अंतरराष्ट्रीय ठगी का पर्दाफाश हुआ है। जिसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया। कमिश्नरेट पुलिस ने विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग के 11वें फ्लोर पर चल रहे दो अवैध कॉल सेंटरों पर छापेमारी कर एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
यह गिरोह अमेरिका, कनाडा समेत कई देशों के नागरिकों को टारगेट कर डिजिटल अरेस्ट, ब्लैकमेलिंग, ई-वॉलेट समस्या और ऑनलाइन खरीदारी में मदद के बहाने ठगी करता था। खास बात यह है कि इस पूरे नेटवर्क में महिलाओं की भी अहम भूमिका बताई जा रही है, जो पहले मीठी-मीठी बातों से लोगों का भरोसा जीतती थीं और फिर उन्हें झांसे में लेकर भारी रकम ट्रांसफर करवा लेती थीं। कई मामलों में पीड़ितों को कॉल कर भावनात्मक और व्यक्तिगत बातचीत के जरिए फंसाया गया और बाद में उन्हें डर या लालच दिखाकर करोड़ों की ठगी की गई।
यह पूरा नेटवर्क करीब सवा साल से सक्रिय था और बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। गिरोह डॉलर ऐप और आईबीम जैसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर विदेशी नागरिकों को कॉल करता था और फर्जी तकनीकी या कानूनी समस्या का डर दिखाकर पैसे ऐंठता था।
पुलिस की देर रात की गई छापेमारी में 119 लोग हिरासत में लिए गए, जिनमें 27 लड़कियां और 92 लड़के शामिल हैं। आरोपियों में गुजरात, महाराष्ट्र और असम समेत कई राज्यों के लोग शामिल हैं। ऑपरेशन मैनेजर ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया जा रहा है।
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कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 100 लैपटॉप, 178 मोबाइल फोन, कॉलिंग डेटा और हजारों बैंक व ई-वॉलेट डिटेल्स बरामद की हैं। सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह एक इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क है। यह खासकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाता था। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे गिरोह के विदेशी कनेक्शन की गहन जांच की जा रही है।
Location : Lucknow
Published : 2 July 2026, 6:03 PM IST