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गोल्डन बूट की रेस में महासंग्राम (Img: AI)
New Delhi: FIFA वर्ल्ड कप अब ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया है जहां हर मैच इतिहास रच रहा है। एक ओर टीमें खिताब जीतने के लिए अपना सबकुछ झोंक रही हैं, तो दूसरी तरफ गोल्डन बूट की जंग भी हर मैच के साथ और दिलचस्प होती जा रही है। नॉकआउट स्टेज में कई उलटफेर देखने को मिले हैं। कुछ बड़ी टीमें बाहर हो गई हैं, जबकि कई नई टीमों ने अपने शानदार प्रदर्शन से फुटबॉल फैंस का दिल जीत लिया है।
अब तक फ्रांस के किलियन एमबाप्पे और अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी ने छह-छह गोल दागे हैं। बावजूद इसके गोल्डन बूट की सूची में पहला स्थान एमबाप्पे के नाम है। इसकी वजह उनके दो असिस्ट हैं। फीफा के नियमों के मुताबिक यदि दो खिलाड़ियों के गोल बराबर हों तो असिस्ट की संख्या निर्णायक बनती है। मेसी ने अभी तक कोई असिस्ट नहीं किया है, जिससे एमबाप्पे फिलहाल उनसे आगे चल रहे हैं।
इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने पिछले मुकाबले में दो गोल दागकर अपनी कुल गोल संख्या पांच कर ली है। वह अब नॉर्वे के एरलिंग हालंद के बराबर पहुंच गए हैं। दोनों खिलाड़ी गोल्डन बूट की रेस में मजबूती से बने हुए हैं और अगले मुकाबलों में शीर्ष दो खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं।
फ्रांस के उस्मान डेम्बेले, ब्राजील के विनीसियस जूनियर और सेनेगल के इस्माइला सार चार-चार गोल के साथ रेस में बने हुए हैं। वहीं, जर्मनी के डेनिज उंडाव, स्विट्जरलैंड के जोहान मंजाम्बी और मेक्सिको के जूलियन क्विनोन्स ने भी अपने प्रदर्शन से टॉप 10 में जगह बना ली है।
नॉकआउट दौर में एक हैट्रिक या दो गोल का शानदार प्रदर्शन गोल्डन बूट की पूरी रैंकिंग बदल सकता है। फ्रांस, अर्जेंटीना और इंग्लैंड जैसी टीमें अभी भी खिताब की दौड़ में हैं, इसलिए एमबाप्पे, मेसी और केन के पास अपने गोलों का आंकड़ा बढ़ाने का सुनहरा मौका है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि टूर्नामेंट खत्म होने तक सबसे ज्यादा गोल करने का ताज आखिर किस स्टार खिलाड़ी के सिर सजता है।
Location : New Delhi
Published : 2 July 2026, 6:02 PM IST