यूपी में बिजली की नई दरें घोषित: रेट जस के तस, इन उपभोक्ताओं को मिलेगी 10 प्रतिशत तक की छूट

उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। नई बिजली दरों का ऐलान हो गया है और इस बार भी आम लोगों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया। इतना ही नहीं, कुछ उपभोक्ताओं को पहले की तरह बिल में छूट भी मिलती रहेगी, जबकि एक नई सुविधा का भी फायदा मिलेगा।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 2 July 2026, 5:34 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। राज्य में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों का ऐलान कर दिया गया है। खास बात यह है कि लगातार सातवें साल भी बिजली की दरों में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके साथ ही नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) के उपभोक्ताओं को पहले की तरह बिजली बिल में 10 प्रतिशत की छूट मिलती रहेगी। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी बिजली दरों में विशेष रियायत दी गई है।

सात साल से नहीं बढ़ीं बिजली की दरें

उत्तर प्रदेश उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जहां पिछले सात वर्षों से बिजली की दरें स्थिर बनी हुई हैं। इस फैसले से घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के करोड़ों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। बिजली बिल में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं होने से आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।

इन उपभोक्ताओं को मिलेगा 10% का फायदा

नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (NPCL) के क्षेत्र में रहने वाले उपभोक्ताओं को पहले की तरह बिजली बिल में 10 प्रतिशत की छूट मिलती रहेगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक ईवी चार्जिंग स्टेशनों पर इस्तेमाल होने वाली बिजली की दरों में 20 प्रतिशत की रियायत देने का फैसला भी बरकरार रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

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स्मार्ट मीटर के लिए नहीं देना होगा अतिरिक्त पैसा

नई व्यवस्था के तहत पुराने बिजली मीटरों की जगह लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों का अलग से कोई शुल्क उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा। यानी स्मार्ट मीटर लगाने का खर्च सीधे बिजली उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। यह फैसला उन लाखों उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है, जिन्हें स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर अतिरिक्त खर्च की चिंता थी।

बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव हुआ खारिज

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने इस साल स्मार्ट मीटर योजना और अन्य खर्चों का हवाला देते हुए बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। कॉरपोरेशन ने करीब 3,838 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को आधार बनाकर दरें बढ़ाने की मांग की थी। इसके अलावा बिजली वितरण कंपनियों ने राजस्व अंतर का हवाला देते हुए भी टैरिफ में संशोधन की मांग रखी थी। हालांकि, विद्युत नियामक आयोग ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद बिजली दरें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी।

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ऊर्जा मंत्री ने दी बधाई

फैसले के बाद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इसे उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार सातवें वर्ष भी बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। उनके अनुसार, पिछले सात वर्षों में एक पैसे की भी वृद्धि नहीं की गई, जबकि इस दौरान बिजली आपूर्ति में लगातार सुधार हुआ है। ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा कि इस वर्ष प्रदेश ने 32,673 मेगावाट बिजली आपूर्ति का नया रिकॉर्ड बनाया है और सरकार का लक्ष्य हर शहर, गांव और गली तक बेहतर बिजली व्यवस्था पहुंचाना है।

Location :  Lucknow

Published :  2 July 2026, 5:34 PM IST

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