रोमांच की सारी हदें पार, बेल्जियम ने अंतिम मिनटों में तीन गोल दागकर सेनेगल का तोड़ा दिल

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में बेल्जियम ने इतिहास रच दिया। 2-0 से पिछड़ने के बाद बेल्जियम ने आखिरी मिनटों में जादुई वापसी करते हुए सेनेगल को 3-2 से हराकर राउंड ऑफ 16 में एंट्री की।

Updated : 2 July 2026, 12:18 PM IST
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New Delhi: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में फुटबॉल जगत ने एक ऐसा अविश्वसनीय और सांसें रोक देने वाला मैच देखा, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। एक समय मैच और टूर्नामेंट से पूरी तरह बाहर होने की कगार पर खड़ी बेल्जियम की टीम ने वो कर दिखाया जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। दो गोल से पिछड़ने के बाद बेल्जियम ने आखिरी पलों में पासा पलटते हुए लगातार तीन गोल दागे और सेनेगल को 3-2 से हराकर शान से राउंड ऑफ 16 का टिकट कटा लिया। दूसरी ओर, जीत के मुहाने पर खड़ी सेनेगल के लिए यह मुकाबला किसी खौफनाक सपने जैसा साबित हुआ।

सेनेगल ने बनाई थी 2-0 की मजबूत बढ़त

मैच के शुरुआती 80 मिनटों तक मैदान पर सिर्फ और सिर्फ सेनेगल का दबदबा देखने को मिला। खेल के 25वें मिनट में ही हबीब दियारा ने शानदार गोल दागकर सेनेगल को 1-0 से आगे कर दिया। इसके बाद दूसरे हाफ के छठे मिनट (51वें मिनट) में इस्माइला सार ने इस टूर्नामेंट का वन ऑफ द बेस्ट गोल किया। मूसर नियाकाते के एक लंबे पास को सार ने अपने बेहतरीन फर्स्ट-टच से कंट्रोल किया और बेल्जियम के स्टार गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ को छकाते हुए गेंद को नेट के हवाले कर दिया। सेनेगल की बढ़त अब 2-0 हो चुकी थी। हालांकि, इसके बाद कोर्टुआ ने कुछ बेहतरीन बचाव किए, जिसने बेल्जियम को मैच में पूरी तरह टूटने से बचाए रखा।

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लुकाकु की एंट्री और बेल्जियम की जादुई वापसी

जब ऐसा लग रहा था कि बेल्जियम का सफर यहीं खत्म हो जाएगा, तभी मैदान पर सब्स्टीट्यूट के रूप में आए अनुभवी खिलाड़ी रोमेलु लुकाकु ने बेल्जियम की किस्मत बदल दी।

86वां मिनट: देश के ऑल-टाइम लीडिंग स्कोरर रोमेलु लुकाकु ने गोल दागकर स्कोर को 2-1 किया और बेल्जियम की उम्मीदों को जिंदा किया।

89वां मिनट: ठीक तीन मिनट बाद यूरी टिलेमैन्स ने एक जोरदार रॉकेट शॉट जमाया और स्कोर 2-2 की बराबरी पर ला खड़ा किया। इस गोल ने मैच को एक्स्ट्रा टाइम में खींच दिया।

एक्स्ट्रा टाइम का आखिरी सेकंड और इतिहास का सबसे देर से हुआ गोल

एक्स्ट्रा टाइम का खेल खत्म होने की कगार पर था और दोनों ही टीमें पेनल्टी शूटआउट की मानसिक तैयारी कर रही थीं। तभी एक्स्ट्रा टाइम के आखिरी पलों में यूरी टिलेमैन्स को सेनेगल के पेनल्टी बॉक्स के भीतर गिरा दिया गया।

लंबी बहस और VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) रिव्यू के बाद रेफरी ने बेल्जियम के पक्ष में पेनल्टी का फैसला सुनाया। एक्स्ट्रा टाइम के स्टॉपेज-टाइम के 5वें मिनट (125वें मिनट) में टिलेमैन्स ने बेहद ठंडे दिमाग से इस पेनल्टी को गोल में तब्दील कर दिया। यह फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे देर से किया गया ऐतिहासिक गोल बन गया।

एक अनोखा रिकॉर्ड: फीफा वर्ल्ड कप के पिछले 11 सीजन के नॉकआउट इतिहास में यह केवल दूसरा मौका है जब कोई टीम 2 या उससे अधिक गोल से पिछड़ने के बाद मैच जीती हो। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले 2018 वर्ल्ड कप में जापान के खिलाफ भी यह करिश्मा बेल्जियम ने ही किया था।

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VAR के फैसले से टूटा सेनेगल का दिल, कोच का छलका दर्द

मैच का अंत होते ही सेनेगल का खेमा आंसुओं में डूब गया। पेनल्टी दिए जाने के फैसले से सेनेगल के खिलाड़ी इस कदर नाराज और हताश थे कि डिफेंडर पाथे सिस विरोध जताने के लिए पेनल्टी स्पॉट पर ही लेट गए, जिन्हें बाद में वहां से हटाया गया।

मैच के बाद सेनेगल के कोच पापे थियाव ने रेफरी की सीधी आलोचना तो नहीं की, लेकिन अपना दर्द बयां करते हुए कहा- "यह एक बेहद क्रूर और दर्दनाक हार है। हम 2-0 से आगे थे और खेल पर हमारा पूरा नियंत्रण था। लेकिन फुटबॉल का मैच सिर्फ 85 मिनट का नहीं होता। बेल्जियम ने आखिरी मिनटों में जो जबरदस्त पलटवार किया, हम उसे संभाल नहीं पाए। जब हमारे खिलाफ पेनल्टी दी गई, तो हमें लगा कि वह पेनल्टी नहीं थी। खिलाड़ियों ने अपनी तरफ से रेफरी के फैसले को चुनौती दी, जो उनका हक था। मगर अंततः फैसला हमारे खिलाफ गया और हम वर्ल्ड कप से बाहर हो गए।"

Location :  New Delhi

Published :  2 July 2026, 12:18 PM IST

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