हमीरपुर में रिमझिम इस्पात कंपनी में फिर हादसा, श्रमिक की मौत से कोहराम

हमीरपुर के भरुआ सुमेरपुर स्थित रिमझिम इस्पात लिमिटेड में फिर बड़ा हादसा हुआ है। 33 वर्षीय श्रमिक राजकुमार की मौत हो गई। पिछले एक साल में फैक्ट्री में कई फर्नेस विस्फोट और हादसे हो चुके हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

Updated : 2 July 2026, 12:03 PM IST
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Hamirpur: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के भरुआ सुमेरपुर स्थित रिमझिम इस्पात कंपनी में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। फैक्ट्री में काम के दौरान हुए हादसे में 33 वर्षीय श्रमिक राजकुमार की मौत हो गई। मृतक शौंखर गांव का निवासी था और अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य बताया जा रहा है।

कैसे हुआ हादसा?

हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सहकर्मियों और कंपनी कर्मचारियों ने श्रमिक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राजकुमार की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर गहरा आक्रोश है।

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रिमझिम इस्पात कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर रिमझिम इस्पात कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर पहले भी चिंताएं जताई जाती रही हैं। हालांकि, हादसे के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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सूचना मिलने पर पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रिमझिम इस्पात लिमिटेड में यह पहला हादसा नहीं है। पिछले डेढ़ साल में फैक्ट्री में कई गंभीर औद्योगिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जनवरी 2025 में फैक्ट्री की 40 टन क्षमता वाली भट्ठी (फर्नेस) में विस्फोट हुआ था। हादसे में तीन श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए थे। शुरुआती जांच में बॉयलर/ऑयल लीकेज की बात सामने आई थी। मई 2025 में स्क्रैप पिघलाने के दौरान फर्नेस में फिर विस्फोट हुआ। कई मजदूर झुलस गए और गंभीर घायलों को कानपुर रेफर करना पड़ा। अब ताजा हादसे में एक श्रमिक की मौत ने फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन कितना प्रभावी है।

सबसे बड़ा सवाल

लगातार हो रहे हादसों के बावजूद यदि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? क्या फैक्ट्री में नियमित सेफ्टी ऑडिट होते हैं? क्या श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण दिया जाता है? इन सवालों का जवाब अब प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएगा।

Location :  Hamirpur

Published :  2 July 2026, 11:57 AM IST

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