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एटा में भाकियू भानू के पदाधिकारियों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने बिजली आपूर्ति, गलत बिल और फॉल्ट की समस्याओं को लेकर धरना दिया। समस्याएं न सुलझने पर संगठन ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन
Etah: एटा जनपद में भारतीय किसान यूनियन (भानू गुट) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बुधवार को बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए रेलवे रोड स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान किसानों ने बिजली आपूर्ति, बढ़े हुए बिल, फॉल्ट की समस्याओं और विभागीय भ्रष्टाचार को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के चलते कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
धरने में शामिल किसानों का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से चरमराई हुई है। समय पर बिजली नहीं मिल रही, जिससे सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं दूसरी ओर, किसानों को मनमाने और गलत बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। कई किसानों ने आरोप लगाया कि महीनों से शिकायत करने के बावजूद उनके बिलों में कोई सुधार नहीं किया गया।
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किसानों ने बताया कि क्षेत्र में बिजली लाइन फॉल्ट की समस्या आम हो गई है। कई-कई दिनों तक लाइन ठीक नहीं की जाती, जिससे फसलें सूखने की कगार पर पहुंच जाती हैं। संगठन का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद विभागीय कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचते और किसानों को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
धरने के दौरान भाकियू भानू के पदाधिकारियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना था कि बिना सुविधा शुल्क दिए कोई काम नहीं होता। मीटर बदलवाने, बिल संशोधन कराने और कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए किसानों से अवैध वसूली की जाती है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाकियू भानू के राष्ट्रीय महासचिव संतोष यादव ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो जिलेभर में बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।
धरने के दौरान किसानों ने अधिशासी अभियंता के माध्यम से जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति, गलत बिलों में सुधार, फॉल्ट की त्वरित मरम्मत और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की गई है।
राष्ट्रीय महासचिव संतोष यादव ने अपने बयान में कहा कि किसान पहले ही महंगाई और प्राकृतिक आपदाओं से परेशान है, ऊपर से बिजली विभाग की लापरवाही उसकी कमर तोड़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो किसान सड़क से लेकर कार्यालय तक संघर्ष करने को मजबूर होंगे।
धरने में भाकियू भानू के जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन किसानों का आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला।
धरना समाप्त कराने के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों ने किसानों से वार्ता की और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही शिकायतों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भाकियू भानू के पदाधिकारियों ने धरना स्थगित किया, लेकिन आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।