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अमेठी में बिना लाइसेंस संचालित नर्सिंग होम में प्रसव कराने के बाद नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सीएमओ ने पुष्टि की कि अस्पताल का कोई वैध लाइसेंस नहीं है।
नर्सिंग होम
Amethi: अमेठी कस्बे के प्रतापगढ़ रोड पर सोमवार रात को बिना लाइसेंस संचालित एक निजी नर्सिंग होम में एक गर्भवती महिला का ऑपरेशन करवाने के बाद जन्मे नवजात शिशु की मंगलवार को मौत हो गई। इस हादसे ने परिवार और इलाके में हड़कंप मचा दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही सीधे शिशु की मौत की वजह बनी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध अस्पताल पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ी।
अमेठी में हादसा: बिना लाइसेंस चल रहे नर्सिंग होम में ऑपरेशन के बाद नवजात शिशु की मौत। परिवार ने अस्पताल की लापरवाही पर सवाल उठाए।@amethipolice #Amethi pic.twitter.com/t1nVuVApa7
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) January 20, 2026
जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के विशेषरगंज गांव निवासी अजय सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी वंदना सिंह प्रसव पीड़ा में थीं। सोमवार रात उन्हें अमेठी के इस निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। ऑपरेशन के बाद एक पुत्र पैदा हुआ लेकिन शिशु की तबीयत तुरंत बिगड़ गई। अस्पताल ने इलाज से मना कर दिया और परिवार को दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ा। वहां भी बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ। अंत नवजात को रायबरेली ले जाया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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अजय सिंह ने बताया कि पत्नी का इलाज नौ महीने से आरआरपीजी कॉलेज के सामने यथार्थ अल्ट्रासाउंड में चल रहा था। यह उनकी तीसरी डिलीवरी थी। उन्होंने कहा कि हमारी दो बेटियां हैं, तीसरी डिलीवरी में बेटे की जान अस्पताल की लापरवाही से चली गई। न्याय तभी मिलेगा जब ऐसे अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी अमेठी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि यह अस्पताल बिना लाइसेंस संचालित हो रहा था। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ कई महीने पहले मुकदमा दर्ज कराया गया था लेकिन बावजूद इसके यह अस्पताल अवैध रूप से चल रहा था।
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परिजन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। अजय सिंह ने कहा कि प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता तो उनके साथ अन्याय नहीं होता। लोग अब यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर बिना लाइसेंस और पहले से दर्ज मुकदमे के बावजूद यह अस्पताल कैसे संचालित हो रहा था।