40 घंटे से अंधेरे में हमीरपुर! आंधी-तूफान के बाद बिजली-पानी संकट से फूटा लोगों का गुस्सा, हाईवे जाम

हमीरपुर में आए भीषण आंधी-तूफान ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। 40 घंटे बाद भी बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी, जिससे नाराज लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर जाम लगा दिया। तूफान से बिजली विभाग, किसानों और पोल्ट्री कारोबारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 31 May 2026, 2:44 PM IST
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Hamirpur: हमीरपुर जिले में आए भीषण आंधी-तूफान के बाद बिजली और पानी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। दो दिन बीत जाने के बावजूद हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। सुमेरपुर क्षेत्र में आक्रोशित लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने सड़क पर पेड़ डालकर मोर्चा संभाला, जबकि कई वाहनों को आड़ा-तिरछा खड़ा कर यातायात रोक दिया। इसके चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

40 घंटे से ठप बिजली, दो लाख आबादी प्रभावित

गुरुवार रात आए तूफान के बाद से सुमेरपुर और आसपास के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। 132 केवी पावर स्टेशन से जुड़े पौथिया, चंदौखी, टेढ़ा, पारा रैपुरा, विदोखर और अन्य विद्युत उपकेंद्रों की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। करीब 40 घंटे बीत जाने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी, जिससे लगभग दो लाख लोगों का जनजीवन प्रभावित है।

पानी के लिए भटक रहे लोग

बिजली आपूर्ति ठप होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। जलापूर्ति बाधित होने के कारण लोग एक-एक बाल्टी पानी के लिए परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और गंभीर हैं, जहां लोग दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं।

1500 पोल टूटे, विभाग को सवा करोड़ का नुकसान

बिजली विभाग के अनुसार तूफान में करीब 1500 विद्युत पोल और 100 डबल पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। 33 केवी, 11 केवी और एलटी लाइनें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। विभाग का अनुमान है कि इस आपदा से करीब सवा करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल होने में दो से तीन दिन और लग सकते हैं।

नर्सरी और कृषि परियोजनाओं को करोड़ों का नुकसान

पौथिया स्थित राजकीय शाकभाजी प्रक्षेत्र और पौधशाला में हाल ही में हुए विकास कार्य भी तूफान की भेंट चढ़ गए। अधिकारियों के अनुसार दोनों परियोजनाओं को मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं।

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पोल्ट्री फार्म और किसानों पर भी आफत

लखनापुरवा निवासी एक पोल्ट्री संचालक के फार्म का टीनशेड उड़ गया, जिससे लगभग 3500 मुर्गियों की मौत हो गई। वहीं मुस्करा क्षेत्र में कई किसानों की सोलर प्लेटें और दुकानों की छतें क्षतिग्रस्त हो गईं। कई ग्रामीण मार्गों पर पेड़ गिरने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

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प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

तूफान के बाद उत्पन्न हालात प्रशासन और बिजली विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। लोग जल्द से जल्द बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल करने और नुकसान का आकलन कर राहत देने की मांग कर रहे हैं।

Location :  Hamirpur

Published :  31 May 2026, 2:44 PM IST

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