जिस गर्लफ्रेंड के लिए दे रहा था परिवार को धोखा, उसी ने करवाया मर्डर, ग्रेटर नोएडा कोर्ट ने रोबिन हत्याकांड में सुनाया बड़ा फैसला

ग्रेटर नोएडा के चर्चित रोबिन सिंह हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। युवक की हत्या के बाद शव को नहर में फेंककर पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी। वहीं, सबूत मिटाने के आरोपी को 5 साल की जेल मिली है...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 28 September 2026, 1:05 PM IST
google-preferred

Noida News: ग्रेटर नोएडा में करीब 4 साल पहले हुए रोबिन सिंह हत्याकांड का अब अदालत ने फैसला सुना दिया है। मामले में कोर्ट ने तीन सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोप था कि युवती से पुराने प्रेम संबंध को लेकर नाराज भाइयों ने रोबिन को मौत के घाट उतार दिया और फिर सबूत मिटाने के लिए उसके शव को नहर में फेंक दिया। अदालत ने हत्या के दोषी तीनों भाइयों पर 35-35 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

फरवरी 2022 में अचानक लापता हुआ था रोबिन

फरवरी 2022 में 22 वर्षीय रोबिन सिंह अचानक लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो उसके पिता ने सूरजपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को कुछ ऐसे तथ्य मिले, जिनसे हत्या की आशंका मजबूत हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या की धाराओं में दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रोबिन का गांव की ही एक युवती से प्रेम संबंध था। हालांकि युवती की शादी साल 2019 में हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी रोबिन उससे संपर्क करने की कोशिश करता था। युवती ने इस बात की जानकारी अपने परिवार वालों को दी थी।

मायके बुलाकर हत्या करने का आरोप

पुलिस जांच में सामने आया कि 27 फरवरी को युवती ने रोबिन को पाली स्थित अपने मायके बुलाया था। वहां पहले से ही युवती के भाई सुबोध, सागर और रवि मौजूद थे। आरोप है कि तीनों भाइयों ने मिलकर रोबिन की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव की पहचान छिपाने के लिए उसे कोट नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने जांच के दौरान मामले से जुड़े सबूत जुटाए और आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की।

सबूत मिटाने वाले आरोपी को भी सजा

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद ग्रेटर नोएडा की अदालत ने सुबोध, सागर और रवि को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, बागपत निवासी मनीष को सबूत मिटाने के आरोप में 5 साल की जेल और 1 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई है।

Location :  Noida

Published :  28 September 2026, 1:05 PM IST

Advertisement