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पवित्र पोखरे में अचानक तड़पकर मरीं मछलियां (Img: Dynamite News)
Gorakhpur: खजनी क्षेत्र के सतुआभार गांव में शनिवार सुबह दैविक पोखरे का नजारा देखकर ग्रामीणों के बीच चिंता फैल गई। गांव के आस्था से जुड़े इस पोखरे में बड़ी संख्या में मछलियां मृत मिलीं। कुछ ही देर में खबर पूरे गांव में फैल गई और लोग मौके पर पहुंचने लगे। मछलियों की अचानक मौत ने ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक साथ इतनी मछलियां मर गईं।
ग्रामीणों के मुताबिक, दैविक पोखरा लंबे समय से गांव की धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है। यहां रहने वाली मछलियों और बड़े कछुओं को लोग पूज्य मानते हैं। मान्यता है कि इस पोखरे में वर्षों से मछलियां और कछुए रहते आए हैं और ग्रामीण उनकी सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझते हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि पोखरे की मछलियों को पकड़ना या खाना वर्जित है। स्थानीय मान्यताओं में इन्हें नुकसान पहुंचाने को अशुभ माना जाता है। इसी वजह से मछलियों की अचानक मौत ने लोगों को भावुक कर दिया।
मृत मछलियां मिलने के बाद ग्रामीणों ने पोखरे के पानी का नमूना लेकर जांच कराने की तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मछलियों की मौत किसी प्राकृतिक वजह से हुई या पानी में प्रदूषण अथवा किसी अन्य कारण से। भीष्मधर दुबे, अर्जुन दुबे, परमात्मा दुबे, पूर्व प्रधान बच्चा दुबे समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस को भी घटना की जानकारी दी है।
ग्रामीणों के अनुसार, दैविक पोखरे में किसी मछली या कछुए की मौत होने पर उसे सामान्य तरीके से नहीं छोड़ा जाता। स्थानीय धार्मिक परंपरा के मुताबिक, मृत जलीय जीव को कफन के साथ विधि-विधान से मिट्टी में दफन किया जाता है। मृत मछलियों के साथ भी इसी परंपरा का पालन करने की तैयारी की जा रही है।
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ग्रामीणों ने करीब एक दशक पहले की एक घटना का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, उस समय पोखरे के आसपास से दो दर्जन बड़े कछुए गायब हो गए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले कुछ मजदूर कछुओं को पकड़कर ले गए और बाद में उनके खोल भट्ठे के पास मिले थे। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल मछलियों की मौत की वजह सामने नहीं आई है। ग्रामीण अब पानी की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि इस घटना के पीछे प्राकृतिक कारण है या पानी की गुणवत्ता से जुड़ा कोई मामला।
Location : Gorakhpur
Published : 3 October 2026, 10:41 AM IST