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गोला थाना क्षेत्र अंतर्गत सोशल मीडिया के माध्यम से एक युवती के फोटो का दुरुपयोग कर अश्लील वीडियो प्रसारित करने, अभद्र टिप्पणी करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पढिए पूरी खबर
गोरखपुर: गोला थाना क्षेत्र अंतर्गत सोशल मीडिया के माध्यम से एक युवती के फोटो का दुरुपयोग कर अश्लील वीडियो प्रसारित करने, अभद्र टिप्पणी करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। यह मामला गोला नगर पंचायत क्षेत्र का बताया जा रहा है, जिससे पीड़ित परिवार भय और गहरे मानसिक तनाव में है।
क्या है पूरी खबर?
पीड़ित पक्ष की ओर से थाना गोला में दी गई तहरीर के अनुसार, एक युवक द्वारा युवती के फोटो का दुरुपयोग कर अश्लील वीडियो तैयार किया गया और उसे फेसबुक, यूट्यूब सहित अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर प्रसारित किया जा रहा था। आरोप है कि युवक सोशल मीडिया पर लगातार आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर रहा था और युवती व उसके परिवार को धमकियां दे रहा था।
परिवार पर सामाजिक दबाव
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि युवक ने युवती की शादी कहीं और तय होने पर उसे, उसके होने वाले पति और परिवार के अन्य सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी। बताया गया कि युवती की शादी तय हो चुकी है और विवाह की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इस घटना के बाद परिवार पर सामाजिक दबाव बढ़ गया और वे भयभीत हो गए। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी की हरकतों से युवती की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और मानसिक उत्पीड़न की स्थिति बन गई है।।
कड़ी कार्रवाई की मांग
शिकायत मिलने पर पुलिस ने प्रारंभिक स्तर पर आरोपी युवक को थाने बुलाकर चेतावनी दी थी और ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की हिदायत दी गई थी। हालांकि, चेतावनी के बावजूद आरोपी के व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ और सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियां जारी रहीं। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने दोबारा प्रार्थना पत्र देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की, जिस पर पुलिस ने करीब दो माह बाद मुकदमा पंजीकृत किया।
तकनीकी जांच
थानाध्यक्ष राकेश रोशन सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी रोहित साहनी के विरुद्ध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 और 67 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफार्म से संबंधित डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर रही है और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया का दुरुपयोग
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध के मामलों में साक्ष्य संकलन और तकनीकी जांच आवश्यक होती है। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग से संबंधित किसी भी मामले में तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।