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गोरखपुर में करीब 17 वर्ष पुराने हत्या के मामले में दोषियों को सजा मिली है। दोषियों को सजा मिलना पीड़ित पक्ष के लिए न्याय की बड़ी जीत मानी जा रही है। साथ ही समाज में यह संदेश भी जा रहा है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के शिकंजे से अपराधी बच नहीं सकते।
गोरखपुर में 17 वर्ष पुराने हत्या मामले में मिला न्याय
Gorakhpur: जनपद गोरखपुर पुलिस को “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत एक बड़ी और अहम सफलता हाथ लगी है। वर्ष 2009 में थाना बड़हलगंज क्षेत्र में दर्ज हत्या के सनसनीखेज मामले में माननीय न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक अभियुक्त पर 75-75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह फैसला माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-04), गोरखपुर द्वारा मु0अ0सं0 860/2009 अंतर्गत धारा 302, 34 एवं 201 भारतीय दंड संहिता के तहत सुनाया गया। मामले में अभियुक्त कैश कुरैशी पुत्र रुस्तम कुरैशी, निवासी महुआपार थाना बड़हलगंज (हाल पता–पुराना टोला कस्बा बड़हलगंज) तथा मदन मोहन दुबे पुत्र स्वर्गीय गंगाधर दुबे, निवासी बेइली थाना बड़हलगंज जनपद गोरखपुर को हत्या का दोषी पाया गया।
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गौरतलब है कि पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेशभर में अपराधियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गोरखपुर के निर्देशन में थाने के पैरोकार, विवेचक एवं मॉनिटरिंग सेल द्वारा इस पुराने मामले की प्रभावी, सतत एवं मजबूत पैरवी की गई। पुलिस की सटीक विवेचना, गवाहों के समुचित परीक्षण और साक्ष्यों की मजबूती के चलते अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में अपना पक्ष सफलतापूर्वक रखा।
करीब 17 वर्ष पुराने इस हत्या के मामले में दोषियों को सजा मिलना पीड़ित पक्ष के लिए न्याय की बड़ी जीत मानी जा रही है। साथ ही यह फैसला समाज में यह संदेश भी देता है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के शिकंजे से अपराधी बच नहीं सकते।
इस महत्वपूर्ण दोषसिद्धि में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) श्री बृजेश सिंह का योगदान सराहनीय और उल्लेखनीय रहा। उनकी प्रभावी बहस और ठोस तर्कों के चलते अभियोजन पक्ष को सफलता मिली।
गोरखपुर पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन कनविक्शन के तहत आगे भी गंभीर अपराधों के मामलों में सख्त पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी, ताकि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और आमजन में कानून के प्रति विश्वास और मजबूत