तिब्बत की टूटी बैरियर लेक से मचा हड़कंप, नेपाल के रास्ते महराजगंज-कुशीनगर तक मंडराया बाढ़ का खतरा!

तिब्बत में बनी विशाल बैरियर लेक टूटने के बाद नेपाल में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। इसका असर भारत-नेपाल सीमा से सटे महराजगंज और कुशीनगर क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 28 August 2026, 1:51 PM IST
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Maharajganj : नेपाल में एक बार फिर बाढ़ का बड़ा खतरा मंडराने लगा है। तिब्बत में बनी विशाल बैरियर लेक (बांधनुमा झील) के टूटने की सूचना के बाद नेपाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। नेपाल पुलिस ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और राहत-बचाव अभियान में जुटे सुरक्षाकर्मियों को तुरंत सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। इस खतरे का असर भारत-नेपाल सीमा से सटे महराजगंज और कुशीनगर जिलों तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

चीन से आई सूचना के बाद नेपाल में मचा अलर्ट

नेपाल के रसुवा जिले के प्रमुख जिला अधिकारी (सीडीओ) नरेंद्र परियार ने बताया कि चीन के छोचेन खोला और पुरेपू त्सांग्पो नदी के संगम पर बनी बड़ी झील टूटने की जानकारी नेपाली सेना के जरिए मिली है। सूचना मिलते ही नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण समेत सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया गया है।

रसुवा के सहायक सीडीओ ध्रुवप्रसाद अधिकारी ने भी चीन की ओर से झील टूटने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि चीनी अधिकारियों ने संदेश भेजकर इस घटना की जानकारी साझा की है। इसके बाद नेपाल प्रशासन ने निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

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झील में जमा था 20 लाख घन मीटर पानी

इससे पहले चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि छोचेन खोला और पुरेपू त्सांग्पो नदी के संगम पर एक बड़ी बैरियर लेक बन गई थी। बताया गया कि सुबह तक इस झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था और पानी तेजी से ओवरफ्लो होने लगा था। पानी के बढ़ते दबाव के कारण झील टूटने का खतरा लगातार बना हुआ था।

तिब्बत से निकलने वाली छोचेन और पुरेपू नदियां नेपाल में प्रवेश करने के बाद भोटेकोशी नदी के नाम से जानी जाती हैं। यही नदी आगे चलकर त्रिशूली नदी की प्रमुख सहायक नदी बनती है, जिससे नेपाल के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।

भारत-नेपाल सीमा पर भी बढ़ी निगरानी

झील टूटने की सूचना के बाद चीन ने तिब्बत में चल रहे अपने बचाव अभियान को भी अस्थायी रूप से रोक दिया है। नेपाल में निचले इलाकों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

महराजगंज सिंचाई खंड दो के अधिशासी अभियंता ई. राजीक कपिल ने बताया कि झील टूटने की सूचना को देखते हुए विभाग पूरी तरह सतर्क है। नदी के जलस्तर और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी संभावित खतरे से पहले जरूरी कदम उठाए जा सकें।

Location :  Maharajganj

Published :  28 August 2026, 1:51 PM IST

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