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सहजनवां तहसील में अपर आयुक्त जय प्रकाश के औचक निरीक्षण से प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई। लंबित फाइलों के जल्द निस्तारण, डिजिटल सर्वे, स्वामित्व नक्शा और फार्मर रजिस्ट्री को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए।
अपर आयुक्त जय प्रकाश अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए।
Gorakhpur: प्रशासनिक व्यवस्था को और ज्यादा चुस्त-दुरुस्त बनाने के मकसद से बुधवार को सहजनवां तहसील में उस समय हलचल मच गई, जब अपर आयुक्त (प्रशासन) जय प्रकाश अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। उनके पहुंचते ही दफ्तरों में फाइलों की रफ्तार तेज हो गई और अधिकारी सतर्क नजर आए।
निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त ने न्यायालय से जुड़ी अलग-अलग पत्रावलियों की गहन समीक्षा की और लंबित मामलों की स्थिति को गंभीरता से परखा। उन्होंने कहा कि अनावश्यक आपत्तियां लगाकर फाइलों को रोका नहीं जाए। पुराने मामलों का निस्तारण अधिकतम 90 दिन के भीतर और अविवादित पत्रावलियों का निपटारा 45 दिन के अंदर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
10 बड़े बकायेदारों की विस्तृत जानकारी
अपर आयुक्त ने आरके दफ्तर संग्रह के रजिस्टरों की भी जांच की और शीर्ष 10 बड़े बकायेदारों की विस्तृत जानकारी ली। इसके साथ ही भूलेख कार्यालय के अभिलेखों और बस्तों को भी बारीकी से देखा। तहसील परिसर में साफ-सफाई और अनुशासन पर उन्होंने संतोष जताया, लेकिन लंबित फाइलों को लेकर सख्त रुख अपनाया।
निर्देश दिया कि धारा 24 के तहत आदेश जारी होने के बाद राजस्व निरीक्षक और लेखपाल संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर तुरंत कार्रवाई करें। स्वामित्व नक्शा जमा करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी तय है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय सीमा के भीतर काम पूरा न होने पर संबंधित एसडीएम और तहसीलदार की जवाबदेही तय की जाएगी।
राजस्व परिषद के निर्देशों के अनुरूप गांवों में चौपाल लगाने और जनसुनवाई व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। डिजिटल सर्वे का काम समय से पूरा होने पर अपर आयुक्त ने पूरी तहसील टीम की सराहना की और इसे प्रशासनिक दक्षता का अच्छा उदाहरण बताया। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
इस मौके पर न्यायिक एसडीएम निशा श्रीवास्तव, तहसीलदार राकेश कन्नौजिया, नायब तहसीलदार दुर्गेश चौरसिया और राम सूरज सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।