मुजफ्फरनगर में डबल सनसनी: अधजला शव मिला, दूसरी ओर यूरिया माफिया गैंग का भंडाफोड़

मुजफ्फरनगर में नहर पुल के नीचे अधजला शव मिलने से सनसनी फैल गई, जहां हत्या के बाद शव जलाकर फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने ‘ऑपरेशन किसान प्रहरी’ के तहत यूरिया तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और करीब 60 लाख रुपये की अनुदानित यूरिया बरामद की है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 2 June 2026, 7:47 PM IST
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Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में मंगलवार को दो ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। एक तरफ बुढ़ाना क्षेत्र में नहर पुल के नीचे अधजला और रस्सियों से बंधा हुआ अज्ञात शव मिलने से हत्या की आशंका गहरा गई है, तो दूसरी ओर पुलिस ने किसानों के हक पर डाका डालने वाले अंतरराज्यीय यूरिया तस्कर गिरोह का बड़ा पर्दाफाश किया है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने जिले की कानून-व्यवस्था और अपराध नेटवर्क पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

नहर पुल के नीचे मिला अधजला शव

बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब स्थानीय लोगों ने नहर पुल के नीचे एक अज्ञात शव देखा। शव की हालत बेहद डरावनी थी। मृतक के हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे और शरीर आंशिक रूप से जलाया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया गया। फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया, जिसने मौके से साक्ष्य एकत्र किए। शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि यह मामला सिर्फ हत्या का नहीं बल्कि सबूत मिटाने के लिए शव जलाने का भी है।

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हत्या और साजिश की आशंका

पुलिस सूत्रों के अनुसार शव की स्थिति देखकर साफ संकेत मिल रहे हैं कि पहले व्यक्ति की हत्या की गई और उसके बाद पहचान छिपाने के लिए शव को जलाकर नहर पुल के नीचे फेंका गया। रस्सियों से बंधे हाथ-पैर इस बात की ओर इशारा करते हैं कि मृतक को पहले कैद किया गया या फिर बेरहमी से काबू में लेकर हत्या की गई।

‘ऑपरेशन किसान प्रहरी’ में बड़ा खुलासा

इसी बीच मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय यूरिया तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ‘ऑपरेशन किसान प्रहरी’ के तहत थाना जानसठ पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 454 कट्टे सरकारी अनुदानित यूरिया बरामद की है, जिसकी बाजार कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है।

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कैसे चल रहा था पूरा खेल?

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह किसानों को मिलने वाली सब्सिडी वाली यूरिया को सस्ते दामों में खरीदकर बड़े स्तर पर तस्करी करता था। यह यूरिया भोपा क्षेत्र के कुछ खाद विक्रेताओं से कम कीमत में ली जाती थी। इसके बाद फर्जी बिल तैयार किए जाते थे और यूरिया को पिकअप और कैंटर के जरिए हरियाणा के यमुनानगर भेजा जाता था, जहां इसे प्लाईवुड फैक्ट्रियों में महंगे दामों पर बेचा जाता था।

6 महीने में 15 लाख किलो की कालाबाजारी

पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पिछले 6 महीनों में इस गिरोह ने करीब 15.12 लाख किलोग्राम अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी की। यह एक संगठित नेटवर्क था जिसमें कई राज्यों के लोग शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों में मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हरियाणा के लोग शामिल हैं। साथ ही भोपा क्षेत्र के तीन खाद विक्रेताओं की भी गिरफ्तारी की गई है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  2 June 2026, 7:47 PM IST

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