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राकेश टिकैत (Img : Google)
Bareilly : बहेड़ी स्थित केसर चीनी मिल की भूमि नीलामी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामला अब राजनीतिक और किसान संगठनों के स्तर पर पहुंच गया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
भाकियू का आरोप है कि करीब 90 करोड़ रुपये मूल्य की बताई जा रही भूमि को मात्र 28.5 करोड़ रुपये में नीलाम किए जाने की चर्चा है। संगठन का कहना है कि इतनी बड़ी कीमत में अंतर से सरकारी राजस्व और किसानों दोनों के हितों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इस मामले ने स्थानीय किसानों में भी नाराजगी बढ़ा दी है।
किसान संगठन का कहना है कि केसर चीनी मिल से क्षेत्र के हजारों किसान वर्षों से जुड़े रहे हैं और उनका गन्ना भुगतान लंबे समय से बकाया है। किसानों को उम्मीद थी कि मिल की परिसंपत्तियों की बिक्री से मिलने वाली धनराशि का उपयोग उनके बकाया भुगतान में किया जाएगा, लेकिन अब नीलामी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है।
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भाकियू ने आरोप लगाया है कि नीलामी प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती गई और संभावित बोलीदाताओं को उचित अवसर नहीं दिया गया। संगठन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। जिसकी गहन जांच आवश्यक है।
भाकियू ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि नीलामी प्रक्रिया, बाजार मूल्य, सर्किल रेट और वास्तविक बोली प्रक्रिया की विस्तृत जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या मिलीभगत सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
संगठन ने यह भी कहा है कि यदि आवश्यक हो तो वर्तमान नीलामी को निरस्त कर पूरी पारदर्शिता के साथ पुन खुली नीलामी कराई जाए। साथ ही किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित किया जाए।
भाकियू ने कहा है कि इस मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि किसानों और आम जनता का भरोसा बहाल हो सके। संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द उचित कदम उठाएगी।
Location : Bareilly
Published : 10 June 2026, 1:00 AM IST