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देवरिया जिले के ग्राम सभा बाकी के फुलवरिया टोला में जमीन विवाद को लेकर राइफल से दिनदहाड़े फायरिंग हुई। घटना का वीडियो वायरल है, लेकिन अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
देवरिया में दिनदहाड़े राइफल से फायरिंग
Deoria: देवरिया जिले के एक गांव में दिन के उजाले में चली गोलियों ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। ग्राम सभा बाकी के फुलवरिया टोला में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब जमीन विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते राइफल से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। गोलियों की आवाज से लोग घरों में दुबक गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस सनसनीखेज घटना का वीडियो किसी ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दो साल पुराना विवाद बना हिंसा की वजह
मिली जानकारी के मुताबिक वीरेंद्र यादव नाम के व्यक्ति ने करीब दो साल पहले विवादित जमीन की रजिस्ट्री कराकर वहां पक्की दीवार बनवा ली थी। तभी से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। रविवार को अचानक अशोक पांडेय और विनोद पांडेय अपने लड़कों के साथ राइफल लेकर उस जमीन पर पहुंच गए और पक्की दीवार को तोड़ने लगे। जब वीरेंद्र यादव ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई और बात झड़प तक पहुंच गई।
पुलिस आई और लौट गई
विवाद बढ़ता देख ग्रामीणों ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची जरूर, लेकिन कुछ देर रुकने के बाद बिना कोई ठोस कार्रवाई किए वापस लौट गई। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद विवाद का समाधान नहीं किया गया, जिससे अपराधियों के हौसले और बुलंद हो गए।
दोबारा पहुंचे आरोपी, फिर बरसी गोलियां
पुलिस के जाने के कुछ ही देर बाद अशोक पांडेय और विनोद पांडेय एक बार फिर राइफल लेकर मौके पर पहुंच गए और दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग से पूरे टोले में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए खेतों और घरों में छिपते नजर आए। गनीमत रही कि इस फायरिंग में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन दहशत का माहौल बना हुआ है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
दिन के उजाले में खुलेआम गोली चलना पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कार्रवाई होती तो यह घटना दोबारा नहीं होती। हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर मामले के बावजूद अब तक न कोई गिरफ्तारी हुई है और न ही कोई अधिकारी कैमरे पर बोलने को तैयार है। इलाके में यह चर्चा आम है कि देवरिया में अपराधी बेखौफ हैं और पुलिस सुस्त नजर आ रही है।