घर पर खड़ी गाड़ी का चालान? परिवहन विभाग ने शुरू की नई सुविधा

गलत ई-चालान कटने पर अब वाहन मालिक ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे। परिवहन विभाग ने नेक्स्ट जेन ई-चालान एप में नया फीचर शुरू किया है। चालान के 45 दिन के भीतर चुनौती दी जा सकेगी और शिकायत का निस्तारण 30 दिन में किया जाएगा।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 24 September 2026, 10:21 AM IST
google-preferred
लखनऊ: वाहन चालान को लेकर परेशान वाहन मालिकों के लिए राहत की खबर है। अब गलत चालान कटने की स्थिति में आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। परिवहन विभाग ने ई-चालान व्यवस्था में बदलाव करते हुए चालान को ऑनलाइन चुनौती देने की सुविधा शुरू कर दी है। नई व्यवस्था बुधवार आधी रात से लागू हो गई है।

गलत चालान पर 45 दिन के भीतर दर्ज कराएं शिकायत

नई व्यवस्था के तहत अगर किसी वाहन मालिक को लगता है कि उसका चालान गलत तरीके से काटा गया है, तो वह चालान जारी होने के 45 दिन के भीतर नेक्स्ट जेन ई-चालान एप में उपलब्ध नए फीचर के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है।

घर पर खड़े वाहन का कहीं और का चालान, दोपहिया वाहन के नंबर पर चार पहिया वाहन का चालान या बिना गलती के चालान जैसी शिकायतों को अब ऑनलाइन ही दर्ज कराया जा सकेगा। परिवहन विभाग के अनुसार, शिकायतों का निस्तारण 30 दिन के भीतर किया जाएगा।

चुनौती के बाद फैसले के लिए तय होगी समय सीमा

अधिकारियों के मुताबिक, यदि वाहन मालिक चालान को चुनौती नहीं देता है तो उसे 75 दिन के भीतर चालान की राशि जमा करनी होगी। वहीं, चुनौती देने के बाद अगर फैसला वाहन मालिक के पक्ष में नहीं आता है तो चालान जारी होने के चार महीने के अंदर भुगतान करना जरूरी होगा।

इसके अलावा वाहन मालिक 50 प्रतिशत राशि जमा कर न्यायालय में अपील भी कर सकता है। तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं करने पर वाहन से जुड़े आरटीओ के काम जैसे फिटनेस, ट्रांसफर और नवीनीकरण को ब्लॉक किया जा सकता है।

शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकारी तैनात

नई व्यवस्था के तहत चालान से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए शिकायत निवारण अधिकारी (जीआरओ) की नियुक्ति की गई है। परिवहन विभाग का कहना है कि इससे चालान संबंधी विवादों का समय पर समाधान हो सकेगा और व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।

पुराने चालानों का डाटा होगा ट्रांसफर

नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने नेक्स्ट जेन ई-चालान एप को अपडेट किया है। फिलहाल पुराने चालानों का डाटा माइग्रेशन किया जा रहा है। इसके चलते शुक्रवार तक पुराने चालानों का भुगतान एप के माध्यम से नहीं हो सकेगा और कुछ समय के लिए पुराना डाटा पोर्टल पर दिखाई नहीं देगा।

आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने से चालानों के निस्तारण में तेजी आएगी और विभागीय प्रक्रिया बेहतर होगी।

Location :  Lucknow

Published :  24 September 2026, 10:21 AM IST

Related News

No related posts found.

Advertisement