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यूपी के बदायूं में एक मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खडे हुए हैं। स्थानीय लोगों ने एसपी से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली में नेत्रहीन फरियादी से बदसलूकी
Budaun: जनपद के बिसौली कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मद मियां गांव से जुड़े एक मामले में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह पुंडीर ने शिकायत दर्ज कराने पहुंचे एक दृष्टिबाधित (नेत्रहीन) व्यक्ति के साथ न सिर्फ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि उसे घसीट कर थाने से बाहर निकाल दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जिले भर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित अपने एक साथी के सड़क हादसे में घायल होने की शिकायत लेकर बिसौली कोतवाली पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि फरियादी ने जब अपनी बात रखनी चाही तो कोतवाली प्रभारी आपा खो बैठे।
आरोप है कि प्रभारी ने मर्यादा ताक पर रखते हुए पीड़ित को गालियां दीं और धक्का-मुक्की करते हुए थाने परिसर से बाहर कर दिया। इस दौरान किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जो अब विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
वीडियो में कथित तौर पर दिख रहा है कि नेत्रहीन व्यक्ति लड़खड़ाते हुए थाने से बाहर निकल रहा है, जबकि आसपास मौजूद लोग मूकदर्शक बने हुए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि फरियादी खासकर दिव्यांग के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल अमानवीय है, बल्कि पुलिस की जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।
स्थानीय लोगों ने जिला पुलिस कप्तान अंकिता शर्मा से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि नई एसपी के नेतृत्व में जिले में अपराध नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। ऐसे में इस प्रकरण में भी त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की अपेक्षा है।