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बदायूं के उझानी कोतवाली क्षेत्र में दिल्ली हाईवे स्थित मेंथा फैक्ट्री में तैनात तीन सुरक्षा गार्डों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। एक की अस्पताल में, दो की फैक्ट्री में मौत हुई। जहरीली गैस की आशंका, जांच जारी।
रोते-बिलखते परिजन (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Badaun: उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। उझानी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत दिल्ली हाईवे पर स्थित एक मेंथा फैक्ट्री में तैनात तीन सुरक्षा गार्डों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया, वहीं मृतकों के परिजनों ने फैक्ट्री परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तीनों सुरक्षा गार्ड फैक्ट्री परिसर के अंदर अचेत अवस्था में मिले थे। जब अन्य कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी हुई तो तत्काल उन्हें बाहर निकाला गया। इनमें से एक गार्ड को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) उझानी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जबकि दो अन्य गार्डों के शव फैक्ट्री परिसर के अंदर ही पाए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मृत गार्डों के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे किसी जहरीले पदार्थ या गैस की आशंका जताई जा रही है।
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मृतकों की पहचान जुगेंद्र पुत्र रामबहादुर, निवासी ग्राम बसावनपुर, थाना मुजरिया; भानु पुत्र श्रीपाल, निवासी ग्राम मुड़सैना, थाना मूसाझाग; तथा विवेक यादव, निवासी पंसई शेखुपुर के रूप में हुई है। तीनों गार्ड एक ही फैक्ट्री में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे।
घटना की सूचना मिलते ही उझानी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और फैक्ट्री को घेराबंदी कर अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत किन कारणों से हुई।
घटना स्थल पर जुटी भीड़ (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
बताया जा रहा है कि 21 मई 2025 को इसी मेंथा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई थी, जिसमें फैक्ट्री पूरी तरह जलकर राख हो गई थी। इस आगजनी की घटना में करीब 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। फैक्ट्री बैंक द्वारा बंधक थी, जिसके चलते आग की घटना के बाद बैंक के निर्देश पर यहां सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई थी। तब से फैक्ट्री बंद पड़ी हुई थी और केवल सुरक्षा व्यवस्था ही मौजूद थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्री में आग लगने के बाद से यहां किसी प्रकार का उत्पादन नहीं हो रहा था, लेकिन परिसर में पुराने केमिकल, टैंक और अन्य अवशेष अभी भी मौजूद हैं। आशंका जताई जा रही है कि किसी जहरीली गैस के रिसाव या किसी रसायन के प्रभाव से तीनों गार्डों की मौत हो सकती है। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने अभी तक मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
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घटना के बाद मृतकों के परिजन मौके पर पहुंच गए और फैक्ट्री प्रबंधन व प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और गार्डों को बिना किसी जानकारी के खतरनाक वातावरण में ड्यूटी पर लगाया गया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और फैक्ट्री से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।