Budaun: ग्रामीणों ने पकड़ा या पुलिस ने? वायरल वीडियो से बदायूं में ‘गुडवर्क’ की कहानी पर उठे सवाल

बदायूं के फैजगंज बेहटा में चोर की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस के दावे पर सवाल उठे हैं। पुलिस ने आरोपी को खेत से गिरफ्तार करने की बात कही, जबकि वायरल वीडियो में ग्रामीणों द्वारा चोर को पकड़े जाने का दावा सामने आया है। अब वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच से सच्चाई स्पष्ट होगी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 16 September 2026, 1:58 PM IST
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Budaun: बदायूं के फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र में एक चोर की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस के दावे और वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम के बीच अंतर नजर आ रहा है। पुलिस ने सैंडोला गांव में आरोपी की गिरफ्तारी को अपना गुडवर्क बताया, जबकि वायरल वीडियो में ग्रामीणों द्वारा आरोपी को पकड़े जाने की बात कही जा रही है। अब पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

पुलिस ने खेत से गिरफ्तारी का किया दावा

फैजगंज बेहटा पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सैंडोला गांव में देवराज के खेत से मुरादाबाद निवासी सलीम को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 10 क्विंटल बिजली का तार, एक मैजिक वाहन और मोबाइल फोन बरामद होने की बात कही।

पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में कार्रवाई का श्रेय वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन और स्थानीय पुलिस टीम को दिया गया। इसमें थानाध्यक्ष कपिल कुमार, एसआई मुनाजिर, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह और कांस्टेबल सुमित कुमार व परशुराम के नाम भी शामिल बताए गए।

वायरल वीडियो ने बदली कहानी

पुलिस के दावे के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया। वीडियो में आरोपी एक वाहन में बैठा दिखाई दे रहा है और उसके पास एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी नजर आ रहा है।

वीडियो बनाने वाला व्यक्ति यह कहते हुए सुनाई देता है कि गांव में चोर पकड़ा गया है और उसे पुलिसकर्मी लेकर जा रहे हैं। इसी वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि आरोपी को पहले ग्रामीणों ने पकड़ा और बाद में पुलिस के हवाले किया।

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अब जांच से साफ होगी सच्चाई

वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की गिरफ्तारी की कार्रवाई और ग्रामीणों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, केवल वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम को अंतिम रूप से सही या गलत नहीं माना जा सकता। वीडियो की प्रामाणिकता और घटना के पूरे क्रम की जांच जरूरी है।

मामले में यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि आरोपी को पुलिस ने किस परिस्थिति में हिरासत में लिया और बरामदगी की कार्रवाई कैसे हुई। फिलहाल पुलिस की ओर से वायरल वीडियो को लेकर किसी जांच या स्पष्टीकरण की जानकारी सामने नहीं आई है।

अब सवाल यही है कि सैंडोला गांव में हुई गिरफ्तारी की असली कहानी क्या है—पुलिस का गुडवर्क या ग्रामीणों की सतर्कता? पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

Location :  Budaun

Published :  16 September 2026, 1:58 PM IST

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