हिंदी
बदायूं का मूसाझाग थाना एक बार फिर सुर्खियों में है। हालिया घटना ने न सिर्फ इलाके में हलचल मचाई है, बल्कि पुराने विवाद भी चर्चा में आ गए हैं। पूरे मामले में कई चौंकाने वाले पहलू सामने आने की आशंका है, जिससे कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
HPCL प्लांट हत्याकांड का मामला फिर सुर्खियों में ( फोटो सोर्स डाइनामाइट न्यूज़)
Budaun : उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले का मूसाझाग थाना क्षेत्र एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा में है। 12 मार्च 2026 को सैंजनी गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में दिनदहाड़े हुई फायरिंग में दो वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या कर दी गई। दोपहर करीब 1:30 बजे एक हमलावर ने ऑफिस में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें डिप्टी जनरल मैनेजर सुधीर गुप्ता (55) और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी फैल गई और पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंच गया।
आरोपी गिरफ्तार, साजिश की परतें खुलनी शुरू
पुलिस जांच में पूर्व आउटसोर्स कर्मचारी अजय प्रताप सिंह को मुख्य आरोपी माना गया है। उसके साथ धर्मेंद्र यादव और मुनींद्र विक्रम सिंह को भी साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि मामले में अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ जारी है। पुलिस ने बोलेरो चालक समेत आठ लोगों को हिरासत में लेकर जांच तेज कर दी है।
बुलडोजर कार्रवाई और सियासी दबाव के आरोप
घटना के बाद प्रशासन ने 17 मार्च को मुख्य आरोपी की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की। शुरुआती रिपोर्ट्स में थाना प्रभारी अजय कुमार और चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार के निलंबन की भी बात सामने आई। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि मूसाझाग थाना क्षेत्र तीन विधानसभा क्षेत्रों-सदर, शेखूपुर और दातागंज-के बीच होने के कारण राजनीतिक दबाव में काम करता है, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं।
Bengal Supplementary Voter List: बंगाल में 29 लाख वोटरों पर आया चुनाव आयोग का ये बड़ा फैसला
2014 का काला अध्याय फिर चर्चा में
इस घटना के बाद मूसाझाग थाना का 2014 का कुख्यात मामला भी फिर सुर्खियों में आ गया है। 31 दिसंबर 2014 को थाने परिसर में ही एक नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया था। इस केस में दो सिपाहियों को दोषी ठहराते हुए 2018 में अदालत ने 25-25 साल की सजा सुनाई थी। उस समय कई पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई थी।
अमेरिका के फ्यूल हब में जोरदार धमाका! टेक्सास की सबसे बड़ी रिफाइनरी में जानें क्या हुआ नुकसान?
कानून-व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
लगातार दो बड़े मामलों 2014 की शर्मनाक घटना और अब HPCL प्लांट में दोहरे हत्याकांड ने मूसाझाग थाना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्रीय और राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर पाती। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे होने की संभावना है।