अयोध्या से बसपा का बड़ा सियासी दांव, 2027 चुनाव से पहले क्या बदल जाएगा यूपी का समीकरण?

बहुजन समाज पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत अयोध्या और अकबरपुर में दो बड़ी जनसभाओं का ऐलान किया है। 22 और 23 जून को होने वाली इन रैलियों से बसपा अपने सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले और सुशासन मॉडल को फिर से जनता के बीच मजबूत करने की कोशिश करेगी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 12 June 2026, 10:09 AM IST
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Lucknow: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को तेज करते हुए राज्य की राजनीति में एक बार फिर सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी ने 22 और 23 जून को अयोध्या और अकबरपुर (अंबेडकरनगर) में दो बड़ी जनसभाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन रैलियों को मिशन-2027 की औपचारिक शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

अयोध्या से चुनावी अभियान का शंखनाद

बसपा ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत के लिए प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक और धार्मिक केंद्र अयोध्या को चुना है। 22 जून को अयोध्या में पहली जनसभा आयोजित की जाएगी, जबकि 23 जून को अकबरपुर में दूसरी बड़ी रैली होगी। पार्टी का उद्देश्य इन जनसभाओं के जरिए जनता के बीच अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना है।

विश्वनाथ पाल संभालेंगे जिम्मेदारी

इन दोनों बड़ी जनसभाओं की मुख्य कमान बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल को सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें रैलियों को सफल बनाने के लिए विशेष जिम्मेदारी दी है। उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और प्रमुख पदाधिकारी भी मंच साझा करेंगे। अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में उनकी संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए इन स्थानों का चयन रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

सोशल इंजीनियरिंग पर फिर फोकस

बसपा इन रैलियों के माध्यम से अपने पुराने और मजबूत ‘सोशल इंजीनियरिंग’ फॉर्मूले को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रही है। पार्टी का फोकस दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक (डीपीए) गठजोड़ को मजबूत करने पर है। साथ ही मायावती सरकार के कार्यकाल के दौरान कानून व्यवस्था और विकास मॉडल को जनता के सामने रखा जाएगा।

सुशासन मॉडल पर जोर

पार्टी नेताओं का मानना है कि जनता मौजूदा राजनीतिक हालातों से असंतुष्ट है और बसपा के सुशासन मॉडल को फिर से याद कर रही है। इन रैलियों में जनकल्याणकारी योजनाओं और कानून व्यवस्था के पुराने रिकॉर्ड को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

प्रत्याशी सूची और नई रणनीति

सूत्रों के अनुसार, बसपा जल्द ही इसी महीने विधानसभा प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर सकती है। जिन क्षेत्रों में पार्टी ने प्रभारी नियुक्त किए हैं, उन्हें संभावित प्रत्याशी के रूप में पेश किया जा सकता है। इसके अलावा अन्य दलों के असंतुष्ट नेताओं को पार्टी में शामिल कराने की रणनीति पर भी काम चल रहा है।

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यूपी की राजनीति में हलचल

बसपा की इन तैयारियों ने यूपी की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अयोध्या से शुरू होने वाला यह अभियान आने वाले महीनों में और तेज हो सकता है, जिससे राज्य का राजनीतिक समीकरण एक बार फिर बदलने की संभावना जताई जा रही है।

Location :  Lucknow

Published :  12 June 2026, 10:09 AM IST

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