पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसे के बाद खिड़की से गिरने लगी लाशें, अब तक 5 की मौत और 67 घायल

लखनऊ के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर बस पलटने से 5 लोगों की मौत और 45 घायल हो गए। बस में ओवरलोडिंग, नियमों की अनदेखी और ड्राइवर की लापरवाही की बात सामने आ रही है। जांच जारी है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 24 February 2026, 1:01 PM IST
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Lucknow: लखनऊ के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर ऐसा मंजर दिखा, जिसे देख लोगों की रूह कांप गई। तेज रफ्तार डबल डेकर बस पलटते ही सड़क चीख-पुकार से गूंज उठी। पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 45 यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद जब क्रेन से बस को सीधा किया गया तो खिड़कियों से शव सड़क पर गिर पड़े और चारों तरफ खून ही खून नजर आया।

हादसे के बाद का खौफनाक मंजर

सोशल मीडिया पर सामने आए फोटो और वीडियो दिल दहला देने वाले हैं। बस सीधी करते ही कुछ शव खिड़कियों से बाहर आ गिरे। कई घायल और मृत यात्री खिड़कियों से लटके दिखे। सड़क पर खून बिखरा पड़ा था। एक छोटा सा जूता खून से सना मिला, जो इस दर्दनाक हादसे की कहानी बयां कर रहा था।

पंजाब से बिहार जा रही थी बस

बस पंजाब के लुधियाना से बिहार के मोतिहारी जा रही थी। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त बस की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटा से ज्यादा थी। बस पलटते ही ड्राइवर और क्लीनर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और राहत-बचाव शुरू किया। 28 घायलों को Sanjay Gandhi Postgraduate Institute of Medical Sciences के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। जिनमें 7 बच्चे, 12 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल हैं।

मरने वालों के नाम और लापरवाही के आरोप

मरने वालों में वीरेंद्र (30), अंजली (8), प्रियांशु (15), एक 6 साल का बच्चा और 30 वर्षीय युवक शामिल हैं। यात्रियों का आरोप है कि ड्राइवर ने हादसे से पहले ढाबे पर शराब पी थी। कुछ लोगों का कहना है कि उसे झपकी आ गई थी। हालांकि ड्राइवर सोमपाल, जो हरियाणा के पानीपत के नौल्था का रहने वाला है, ने पुलिस को बताया कि उसने हल्की ड्रिंक ली थी और अचानक ब्रेकर आने से बस बेकाबू हो गई। लेकिन जिस जगह हादसा हुआ, वहां ब्रेकर है ही नहीं।

कागजों में फिट, हकीकत में फेल

आरटीओ जांच में बड़ा खुलासा हुआ। बस में 16 स्लीपर और 32 सीटों की परमिशन थी, लेकिन अंदर 43 स्लीपर बना दिए गए थे। करीब 90 यात्री सवार थे। इमरजेंसी गेट के सामने अतिरिक्त सीट लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया था। बस पर 67 चालान लंबित थे, फिर भी वह लगातार दौड़ रही थी।

1360 किमी का सफर, सिर्फ एक ड्राइवर

नियमों के मुताबिक इतनी लंबी दूरी पर दो ड्राइवर जरूरी हैं, लेकिन यह बस 1360 किमी का सफर एक ही ड्राइवर के भरोसे तय कर रही थी। हर 4.5 घंटे बाद ब्रेक और आराम का नियम भी ताक पर रख दिया गया। अब बस की तकनीकी जांच कराई जाएगी, जिसके बाद असली कारण साफ हो पाएगा।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 24 February 2026, 1:01 PM IST

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