अंकित बालियान की हत्या में ‘भोलू’ और ‘किथ सै’ का खेल! कोड वर्ड में मिलते थे आदेश, विदेश तक जुड़े तार

शामली के हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस को कथित तौर पर कोड वर्ड और डिजिटल कम्युनिकेशन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। जांच में Snapchat के जरिए विदेश में बैठे लोगों के संपर्क में होने की बात सामने आई है। पुलिस अब मोबाइल डाटा, सोशल मीडिया चैट और शूटरों की आवाजाही के जरिए पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ रही है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 1 September 2026, 1:59 PM IST
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Shamli: हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, साजिश की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस के सामने अब सिर्फ शूटरों और उनकी आवाजाही का मामला नहीं है, बल्कि कथित तौर पर एक ऐसा डिजिटल नेटवर्क भी सामने आया है, जिसमें नाम लेने के बजाय कोड वर्ड के जरिए बातचीत की जाती थी। पुलिस के मुताबिक ‘भोलू’, ‘किथ सै’ और ‘के हाल है’ जैसे शब्द सामान्य बातचीत का हिस्सा नहीं थे, बल्कि इनके पीछे अलग-अलग संकेत छिपे थे।

जांच में Snapchat के जरिए विदेश में बैठे गिरोह से जुड़े लोगों के शूटरों के संपर्क में होने की बात भी सामने आई है। अब पुलिस मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल गतिविधियों की मदद से यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश के पीछे आखिर कौन-कौन लोग जुड़े थे।

नाम नहीं, कोड वर्ड से होती थी बातचीत

पुलिस की जांच के मुताबिक शूटर आपस में सीधे नाम लेकर बात करने से बचते थे। इसके बजाय कुछ तय शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। इनमें ‘भोलू’, ‘किथ सै’ और ‘के हाल है’ जैसे शब्द शामिल बताए जा रहे हैं। जांच के अनुसार ‘भोलू’ का इस्तेमाल निकलने के संकेत के तौर पर किया जाता था। वहीं ‘किथ सै’ के जरिए अपने आदमी होने की पुष्टि की जाती थी। ‘के हाल है’ का इस्तेमाल बातचीत खत्म करने के संकेत के तौर पर किए जाने की बात सामने आई है।

मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट से मिले सुराग

अंकित बालियान हत्याकांड में मुठभेड़ के दौरान मारे गए बताए गए शूटरों के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट अब जांच का अहम हिस्सा बन गए हैं। पुलिस के मुताबिक इन डिजिटल डिवाइस से नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। जांच अधिकारी मोबाइल में मौजूद चैट, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियों और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड को आपस में जोड़ रहे हैं।

अलग-अलग जगहों से शामली पहुंचे थे शूटर

पुलिस जांच के अनुसार सोनीपत के सुमित और मोहित तथा करनाल के सत्यम और आर्यन अलग-अलग स्थानों से शामली पहुंचे थे। बताया गया है कि सुमित और मोहित को 20 अगस्त को अंकित की रेकी के लिए शामली भेजा गया था। दोनों दिल्ली रोड स्थित एक होटल में रुके थे। वहां से कथित तौर पर अंकित की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। रेकी के दौरान अंकित की आवाजाही, उसके आने-जाने के संभावित रास्ते और गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद करनाल के सत्यम और आर्यन भी इस नेटवर्क से जुड़े।

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होटल में रुककर की गई रेकी

पुलिस के अनुसार अंकित की हत्या से पहले रेकी का चरण बेहद महत्वपूर्ण था। सुमित और मोहित के शामली पहुंचने के बाद उनके होटल में रुकने की जानकारी पुलिस को मिली है। जांच एजेंसियां अब होटल में उनके ठहरने से जुड़े रिकॉर्ड, आसपास की गतिविधियों और मोबाइल लोकेशन जैसे साक्ष्यों को भी जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रेकी के दौरान दोनों किस-किस व्यक्ति के संपर्क में थे और उन्हें अंकित से जुड़ी कौन-कौन सी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही थी।

घटना वाले दिन चारों शूटर एक जगह मिले

पुलिस की जांच के मुताबिक घटना वाले दिन चारों शूटर नाला पटरी के पास एक खाली प्लॉट के नजदीक मिले थे। जांच में सामने आया है कि अलग-अलग जगहों से शामली पहुंचे इन लोगों को आपस में जोड़ने और आगे के निर्देश देने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया। अब पुलिस इस मुलाकात से पहले और बाद की डिजिटल गतिविधियों को खंगाल रही है। मोबाइल लोकेशन, चैट और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चारों के बीच संपर्क कैसे हुआ था।

Snapchat से जुड़ा विदेशी कनेक्शन

इस मामले में सबसे अहम कड़ी कथित विदेशी कनेक्शन को माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार गिरोह से जुड़े कुछ लोग विदेश में बैठे थे और Snapchat के जरिए शूटरों के संपर्क में थे। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विदेश में बैठे ये लोग कौन हैं और उनका गिरोह से क्या संबंध है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या हत्या की योजना में इन लोगों की कोई सीधी भूमिका थी या वे सिर्फ शूटरों तक निर्देश पहुंचाने का काम कर रहे थे।

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कोड वर्ड से लेकर चैट तक खंगाला जा रहा नेटवर्क

पुलिस के सामने चुनौती यह है कि हत्या की कथित साजिश में शामिल लोगों ने सीधे नाम और पहचान का इस्तेमाल करने के बजाय कोड वर्ड और सोशल मीडिया का सहारा लिया। ऐसे में जांच एजेंसियां सिर्फ एक-दो मोबाइल नंबरों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। पुलिस मोबाइल डाटा, सोशल मीडिया चैट, अकाउंट गतिविधियों और शूटरों की आवाजाही को एक साथ जोड़कर पूरे नेटवर्क की तस्वीर तैयार करने की कोशिश कर रही है।

रेकी से हत्या तक हर कड़ी की जांच

अंकित हत्याकांड में पुलिस अब पूरी घटनाक्रम को चरणबद्ध तरीके से जोड़ रही है। सबसे पहले रेकी के लिए शामली पहुंचने वाले लोगों से लेकर घटना वाले दिन चारों शूटरों की मौजूदगी और उनके बीच संपर्क की जांच की जा रही है। इसके साथ ही हत्या से पहले और बाद की मोबाइल गतिविधियों को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस यह जानना चाहती है कि शूटरों को किसने निर्देश दिए, उन्हें घटनास्थल तक कैसे पहुंचाया गया और घटना के बाद किससे संपर्क किया गया।

विदेशी नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश

अंकित हत्याकांड में अगर विदेश में बैठे लोगों की भूमिका की पुष्टि होती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मोबाइल डाटा के जरिए कथित विदेशी संपर्कों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का दावा है कि डिजिटल साक्ष्यों से हत्या की योजना बनाने वाले लोगों और जमीन पर मौजूद शूटरों के बीच संपर्क की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।

Location :  Shamli

Published :  1 September 2026, 1:59 PM IST

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